सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Queues forming for fuel; diesel running out within hours.

Kushinagar News: तेल के लिए लग रहीं कतारें, घंटों में ही खत्म हो जा रहा डीजल

संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 26 May 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
Queues forming for fuel; diesel running out within hours.
पगरा के पास संचालित पेट्रोल पंप का खराब पड़ा मशीन।संवाद
विज्ञापन
पडरौना। जिले में ईंधन की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर तहसील, ब्लॉक और ग्रामीण इलाकों में संचालित अधिकांश पेट्रोल पंप ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि तेल नहीं होने के कारण कई पंपों पर नो फ्यूल के बोर्ड लटके हैं और वहां सन्नाटा पसरा है, जबकि जिन पंपों पर आपूर्ति हो रही है, वहां सुबह से ही लोगों की भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जबकि जिला प्रशासन ने ईंधन किल्लत के बीच जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए सीमित मात्रा में ही ईंधन ग्राहकों को मुहैया कराए जाने का आदेश जारी कर दिया है।

सोमवार की सुबह 10 बजे महुआरी पेट्रोल पंप पर डीजल नहीं था। सिर्फ पेट्रोल था। जिसके चलते डीजल के लिए पहुंच रहे लोग मायूस होकर लौट जा रहे थे। पंप कर्मी आराम से बैठे हुए थे। पंप कर्मियों ने बताया कि एक टैंकर तेल सिर्फ छह घंटे में ही साफ हो जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह 11:20 बजे पगरा के पास संचालित पेट्रोल पंप पर डीजल व पेट्रोल दोनों था। लेकिन डीजल बड़े वाहनों में भरा जा रहा था। वही,किसानों आदि को सीमित मात्रा में 500 रुपये की ही डीजल दिया जा रहा था।
विज्ञापन
Trending Videos

दोपहर 12:0 बजे पिपरही भड़कुलवा में पेट्रोल पंप पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। पंप पर डीजल व पेट्रोल दोनों की आपूर्ति थी लेकिन सीमित मात्रा में ही 500 से 1000 रुपये का ईंधन दिया जा रहा था।
12:20 बजे हेतिमपुर में ईंधन नहीं होने के चलते सन्नाटा पसरा हुआ था। पंप कर्मियों ने बताया कि शाम तक टैंकर आएगा, मांग के चलते टैंकर का तेल घंटों में ही समाप्त हो जा रहा है।
1:30 बजे पडरौना शहर के रामकोला रोड पर संचालित पेट्रोल पंप पर किसानों को 500 रुपये की पर्ची डीजल के लिए दी जा रही थी। पंप कर्मी ने बताया कि किसानों का डीजल प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है।
0
जोताई व सिंचाई के लिए किसान परेशान
इस ईंधन संकट का असर किसानों पर पड़ रहा है। इस समय खेतों की जोताई और सिंचाई के लिए डीजल की जरूरत है। ट्रैक्टर और पंपसेट चलाने वाले किसानों का कहना है कि सीमित मात्रा में तेल मिलने से कुछ ही घंटों में काम ठप हो जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन को कृषि कार्य के लिए पेट्रोल पंपों पर अलग से कोटा या व्यवस्था तय करनी चाहिए ताकि उनकी फसलें प्रभावित न हों।

0
किसान बोले:-
प्रशासन की तरफ से किसानों की चिंता की जानी चाहिए। 10 दिन में चार बार बढ़ी कीमत से खेती की लागत बढ़ेगी। इसके बावजूद किल्लत बनी हुई है। इसके चलते कतार लगाकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे परेशानी बढ़ गई है। -देवेंद्र गुप्ता, सौरहा खुर्द
0
किसानों के लिए अलग से बंदोबस्त करना चाहिए, ताकि उन्हें कतार न लगानी पड़े। बढ़ रही कीमत व किल्लत ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सिर्फ 500 रुपये का डीजल मिल रहा है। इससे बार-बार पंप का चक्कर लगाना पड़ रहा है। -दुर्गा जायसवाल, शहरवासी
00000

ऐसे हुई कीमत में वृद्धि
तारीख पेट्रोल डीजल
15 मई 3.00 रुपये 3.00 रुपये
19 मई 90 पैसे 90 पैसे
23 मई 87 पैसे 91 पैसे
25 मई 2.61 रुपये 2.71 रुपये
वर्जन:-

कृषि कार्यों के चलते इस समय डीजल की मांग बढ़ गई है। जो भी पेट्रोल पंप ड्राई पड़े हैं, वहां आपूर्ति बहाल कराने के लिए संबंधित ऑयल कंपनियों के उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। विभाग लगातार आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी न हो पाए। -कृष्ण गोपाल पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed