सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Eknath Shinde Says Devotees Will Receive Modern Amenities Siddhivinayak Temple Corridor Project Launched

Maharshtra: सिद्धिविनायक मंदिर बनेगा और भव्य, शिंदे बोले- इस परियोजना से श्रद्धालुओं को मिलेंगी कई सुविधाएं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 26 May 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
सार
LinksIndexing - Best SEO Indexing Tool

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का भूमि पूजन किया। इस परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक पार्किंग, बेहतर कतार प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

Eknath Shinde Says Devotees Will Receive Modern Amenities Siddhivinayak Temple Corridor Project Launched
श्री सिद्धिविनायक कॉरिडोर परियोजना - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर को अब और भव्य और सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का भूमि पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का बड़ा केंद्र है। हर दिन लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बड़ी परियोजना की शुरुआत की गई है।


आखिर सिद्धिविनायक कॉरिडोर परियोजना क्यों शुरू की गई?
एकनाथ शिंदे ने बताया कि सिद्धिविनायक मंदिर करीब 225 साल पुराना है और इसकी नींव वर्ष 1801 में रखी गई थी। समय के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। त्योहारों और विशेष अवसरों पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसी वजह से मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और दर्शन व्यवस्था को आसान बनाने के लिए कॉरिडोर परियोजना शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में यह परियोजना पूरी कर ली जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Trending Videos


श्रद्धालुओं को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधा, बेहतर कतार प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा ऐसा कॉरिडोर बनाया जाएगा, जहां भक्तों को गर्मी, धूप और बारिश से राहत मिल सके। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं को अब दर्शन के दौरान पहले की तरह लंबी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उद्देश्य यह है कि भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलें।
 

सुविधा

क्या मिलेगा

पार्किंग

आधुनिक पार्किंग व्यवस्था

कतार प्रबंधन

आसान और तेज दर्शन व्यवस्था

कॉरिडोर

धूप, गर्मी और बारिश से राहत

सुरक्षा

सुरक्षित आवागमन की सुविधा



सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास पर क्या कहा?
एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक स्थलों के विकास और पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने सिद्धिविनायक ट्रस्ट के सदस्यों को भी इस परियोजना के लिए धन्यवाद दिया।

मुंबई और श्रद्धालुओं के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?
सिद्धिविनायक मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण लंबे समय से बेहतर व्यवस्था की मांग उठ रही थी। अब कॉरिडोर परियोजना से मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा और मुंबई की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed