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Kushinagar News: पत्राचार शिक्षा का विश्वस्त माध्यम है इग्नू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 26 May 2026 02:08 AM IST
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बुद्ध पीजी कालेज के इग्नू केंद्र में कार्यक्रम को संबोधित करते प्रो. अमृतांशु शुक्ल। सोशल मीडि
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कसया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) पत्राचार शिक्षा का विश्वस्त माध्यम है। इस केंद्रीय विश्वविद्यालय की विदेशों में भी स्वतंत्र प्रतिष्ठा है। बुद्ध पीजी कॉलेज के इग्नू अध्ययन केंद्र की ओर से सोमवार को परिचय समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. सीमा त्रिपाठी ने इग्नू को पत्राचार शिक्षा का विश्वस्त माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि नौकरी करने वाले लोगों के लिए अपने कार्य के साथ शिक्षा प्राप्त करने और प्रोन्नति के लिए आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने में इग्नू सबसे उपयुक्त है। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि इग्नू की पाठ्य सामग्री उच्च कोटि की होती है। यह विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विद्वानों के समन्वय से तैयार की जाती है, इसलिए इसकी प्रामाणिकता भी असंदिग्ध रहती है।
मुख्य अतिथि प्रो. अमृतांशु शुक्ल ने कहा कि इग्नू की शिक्षण व्यवस्था में विद्यार्थियों के हित में पर्याप्त लचीलापन है, जिससे उनकी अनेक व्यावहारिक समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो. कृष्ण चंद्र चौरसिया ने कहा कि इग्नू ने अध्ययन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर किया है। यह कम खर्च में उत्कृष्ट शिक्षा का माध्यम है। संचालन इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. गौरव तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. यज्ञेश नाथ त्रिपाठी ने किया। इस दौरान प्रो. राघवेंद्र मिश्र, डॉ. सौरभ द्विवेदी, अरुण कुमार दुबे, मुबारक अंसारी, आकाश शर्मा, राजकिशोर आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि नौकरी करने वाले लोगों के लिए अपने कार्य के साथ शिक्षा प्राप्त करने और प्रोन्नति के लिए आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने में इग्नू सबसे उपयुक्त है। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि इग्नू की पाठ्य सामग्री उच्च कोटि की होती है। यह विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विद्वानों के समन्वय से तैयार की जाती है, इसलिए इसकी प्रामाणिकता भी असंदिग्ध रहती है।
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मुख्य अतिथि प्रो. अमृतांशु शुक्ल ने कहा कि इग्नू की शिक्षण व्यवस्था में विद्यार्थियों के हित में पर्याप्त लचीलापन है, जिससे उनकी अनेक व्यावहारिक समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो. कृष्ण चंद्र चौरसिया ने कहा कि इग्नू ने अध्ययन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर किया है। यह कम खर्च में उत्कृष्ट शिक्षा का माध्यम है। संचालन इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. गौरव तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. यज्ञेश नाथ त्रिपाठी ने किया। इस दौरान प्रो. राघवेंद्र मिश्र, डॉ. सौरभ द्विवेदी, अरुण कुमार दुबे, मुबारक अंसारी, आकाश शर्मा, राजकिशोर आदि मौजूद रहे।