लांडरां/बनूड़। राजपुरा के पास मदौली गांव में नहर में डूबने से मौजपुर गांव के तीन भाई-बहनों की मौत के बाद रविवार को इलाके में तनाव फैल गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव लेकर जा रही एंबुलेंस को लांडरां-सनेटा मार्ग और भागोमाजरा गांव के पास रोककर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बच्चों के माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाते हुए मांग की कि उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए और तुरंत गिरफ्तारी की जाए। उनका कहना था कि बच्चों की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित घटना है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटियाला पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जिससे वे संतुष्ट नहीं हैं।
इसी मांग को लेकर दोपहर करीब दो बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम सात बजे तक जारी रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सोहाना थाना के एसएचओ सिमरन सिंह और डीएसपी हरसिमरन सिंह बल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक न तो जाम हटाया जाएगा और न ही बच्चों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। करीब छह घंटे बाद भी हालात तनावपूर्ण बने रहे, हालांकि पुलिस ने मामले की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।