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Panipat News: ग्रामीण जल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए संचालन व रखरखाव नीति-2026 लागू होगी
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 May 2026 02:55 AM IST
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पानीपत। ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित बनाने के उद्देश्य से संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 लागू की जा रही है। नई नीति के तहत ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
प्रथम चरण में एकल ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली पेयजल योजनाओं को एक अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में बहु-ग्राम पंचायत और महाग्राम योजनाओं को एक अप्रैल 2027 से शामिल किया जाएगा।
सोमवार को हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ बैठक कर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिले में नीति को लागू करने की तैयारियों की जानकारी दी।
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महिलाओं की भागीदारी होगी सुनिश्चित
उपायुक्त ने बताया कि नई नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति योजनाओं का संचालन, पाइपलाइन की मरम्मत, मोटर एवं पंप का रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण, उपभोक्ता शिकायतों का समाधान और जल शुल्क संग्रहण जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इसके लिए ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए जल शुल्क संग्रहण के बराबर राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिए त्रैमासिक आधार पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी, शिकायतों के त्वरित समाधान और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पंचायतों तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, सीईओ डॉ. किरण, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल और डीडीपीओ राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रथम चरण में एकल ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली पेयजल योजनाओं को एक अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में बहु-ग्राम पंचायत और महाग्राम योजनाओं को एक अप्रैल 2027 से शामिल किया जाएगा।
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सोमवार को हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ बैठक कर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिले में नीति को लागू करने की तैयारियों की जानकारी दी।
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उपायुक्त ने बताया कि नई नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति योजनाओं का संचालन, पाइपलाइन की मरम्मत, मोटर एवं पंप का रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण, उपभोक्ता शिकायतों का समाधान और जल शुल्क संग्रहण जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इसके लिए ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए जल शुल्क संग्रहण के बराबर राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिए त्रैमासिक आधार पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी, शिकायतों के त्वरित समाधान और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पंचायतों तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, सीईओ डॉ. किरण, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल और डीडीपीओ राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।