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Ambala News: हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्मश्री सम्मान
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शाहाबाद। महिला हॉकी के शिल्पकार कोच बलदेव सिंह को पदम श्री अवार्ड से सम्मानित करते हुए राष्ट्रप
- फोटो : Archive
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शाहाबाद। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने द्रोणाचार्य अवॉर्डी हॉकी कोच बलदेव सिंह को सोमवार को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। उन्हें पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद शाहाबाद में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई।
बलदेव सिंह ने भारतीय महिला हॉकी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तराशकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
उनकी कोचिंग में शाहाबाद हॉकी अकादमी से निकली कई खिलाड़ियों ने भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया और देश का नाम रोशन किया। इसलिए उनको ये सम्मान दिया गया।
उनके मार्गदर्शन में रानी रामपाल, नवनीत कौर, रितु रानी, जसजीत कौर, राजवीर कौर, जॉयदीप कौर और सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली और ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स तथा विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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शाहाबाद में कभी सीमित सुविधाओं के बीच शुरू हुई यह हॉकी यात्रा आज देश की सबसे मजबूत महिला हॉकी नर्सरी के रूप में जानी जाती है।
बलदेव सिंह के प्रयासों से यह क्षेत्र भारतीय महिला हॉकी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान केवल बलदेव सिंह के साथ सभी बेटियों की मेहनत का भी सम्मान है, जिन्हें उन्होंने निखारकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
बलदेव सिंह ने भारतीय महिला हॉकी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तराशकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
उनकी कोचिंग में शाहाबाद हॉकी अकादमी से निकली कई खिलाड़ियों ने भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया और देश का नाम रोशन किया। इसलिए उनको ये सम्मान दिया गया।
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उनके मार्गदर्शन में रानी रामपाल, नवनीत कौर, रितु रानी, जसजीत कौर, राजवीर कौर, जॉयदीप कौर और सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली और ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स तथा विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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