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Shimla News: गलती न मानने पर बर्खास्त कर्मियों के सेवा बहाली के जवाब नामंजूर
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जवाब से संतुष्ट नहीं अभी नगर निगम
कर्मचारियों से दोबारा जवाब देने को कहा,
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था ठप कर हड़ताल करने के लिए बर्खास्त किए 41 सैहब कर्मचारियों की सेवा बहाली में पेच फंस गया है। नगर निगम इन कर्मचारियों के दिए जवाब से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में इन्हें दोबारा जवाब देने को कहा है।
निगम प्रशासन के अनुसार एस्मा लागू होने के बावजूद कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। अब बर्खास्त होने के बाद कई कर्मचारियों ने जवाब दिया है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर यह हड़ताल की थी और यह उनका अधिकार है। जवाब में कहीं भी कर्मचारियों ने गलती नहीं मानी है। इस आधार पर उनकी सेवाएं बहाल होना मुश्किल है। कर्मचारियों ने अब दोबारा से अपने जवाब तैयार कर नगर निगम को सौंप दिए हैं। निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि यह जवाब देखने के बाद अब फैसला लिया जाएगा। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन और सीटू का कहना है कि बर्खास्त कर्मचारियों की सेवाएं बहाल की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर सीटीओ चौक पर कर्मचारियों का प्रदर्शन भी जारी रहेगा। शहर में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के टेंडर को भी सदन ने मंजूरी दी है। हालांकि, अभी कुछेक वार्डाें में ही सफाई का काम ठेके पर दिया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि अभी किसी भी सैहब कर्मी को नहीं हटाया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी की तनख्वाह बढ़ाई जाएगी।
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कर्मचारियों से दोबारा जवाब देने को कहा,
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था ठप कर हड़ताल करने के लिए बर्खास्त किए 41 सैहब कर्मचारियों की सेवा बहाली में पेच फंस गया है। नगर निगम इन कर्मचारियों के दिए जवाब से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में इन्हें दोबारा जवाब देने को कहा है।
निगम प्रशासन के अनुसार एस्मा लागू होने के बावजूद कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। अब बर्खास्त होने के बाद कई कर्मचारियों ने जवाब दिया है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर यह हड़ताल की थी और यह उनका अधिकार है। जवाब में कहीं भी कर्मचारियों ने गलती नहीं मानी है। इस आधार पर उनकी सेवाएं बहाल होना मुश्किल है। कर्मचारियों ने अब दोबारा से अपने जवाब तैयार कर नगर निगम को सौंप दिए हैं। निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि यह जवाब देखने के बाद अब फैसला लिया जाएगा। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन और सीटू का कहना है कि बर्खास्त कर्मचारियों की सेवाएं बहाल की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर सीटीओ चौक पर कर्मचारियों का प्रदर्शन भी जारी रहेगा। शहर में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के टेंडर को भी सदन ने मंजूरी दी है। हालांकि, अभी कुछेक वार्डाें में ही सफाई का काम ठेके पर दिया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि अभी किसी भी सैहब कर्मी को नहीं हटाया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी की तनख्वाह बढ़ाई जाएगी।
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