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Sant Kabir Nagar News: 10 से कम नामांकन वाले विद्यालयों पर सख्ती, 611 विद्यालयों के कर्मियों का वेतन बाधित
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संतकबीरनगर। नए शैक्षिक सत्र को शुरू हुए करीब डेढ़ महीने हो गए हैं, लेकिन नामांकन की स्थिति खराब है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने प्रवेश में हीलाहवाली को लेकर 10 से कम नामांकन करने वाले 611 विद्यालयों के समस्त स्टाफ को दो दिन में नामांकन बढ़ाने का निर्देश देते हुए वेतन बाधित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने को लेकर अभियान चल रहा है। शिक्षकों को लगातार क्षेत्र में निकल कर अभिभावकों से संपर्क साधने और हर विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश हैं।
विभाग के दावों और अभियानों के बावजूद प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम है। हाल ही में शासन में हुई समीक्षा में जारी आकड़ों के अनुसार नामांकन काफी कम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 से कम नामांकन वाले 611 विद्यालयों के समस्त स्टाफ द्वारा समयबद्ध कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसे में उक्त विद्यालयों के समस्त शैक्षिक स्टाफ का वेतन-मानदेय ''''कार्य नहीं तो वेतन नहीं'''' के आधार पर कार्य पूर्ण होने तक वेतन बाधित किया जाता है।
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संबंधित विद्यालयों के शैक्षिक स्टाफ को निर्देशित किया जाता है कि दो दिन के अंदर ही नवीन नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण करें और बीईओ के माध्यम से नामांकन कार्य पूर्ण होने के स्पष्टीकरण के बाद ही वेतन, मानदेय बहाल किया जाएगा। इस पर नाराजगी जताते हुए शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को जब जनगणना ड्यूटी में लगाया गया है तो फिर वेतन रोकना या कार्रवाई करने का अर्थ है। यह बिलकुल गलत है।
उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने को लेकर अभियान चल रहा है। शिक्षकों को लगातार क्षेत्र में निकल कर अभिभावकों से संपर्क साधने और हर विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश हैं।
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विभाग के दावों और अभियानों के बावजूद प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम है। हाल ही में शासन में हुई समीक्षा में जारी आकड़ों के अनुसार नामांकन काफी कम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 से कम नामांकन वाले 611 विद्यालयों के समस्त स्टाफ द्वारा समयबद्ध कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसे में उक्त विद्यालयों के समस्त शैक्षिक स्टाफ का वेतन-मानदेय ''''कार्य नहीं तो वेतन नहीं'''' के आधार पर कार्य पूर्ण होने तक वेतन बाधित किया जाता है।
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