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Sambhal News: प्रेमी ही निकला जिंदा जली महिला की मौत का जिम्मेदार
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चंदौसी(संभल)। गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव में एक सप्ताह पूर्व जलने से हुई महिला की मौत के मामले में पुलिस की विवेचना में जो सच सामने आया है, वह चौंकाने वाला है। रंजिशन गांव के ही व्यक्ति को फंसाने के लिए महिला के प्रेमी ने ही पूरा षड्यंत्र रचा था। एएसपी दक्षिणी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि दूसरे व्यक्ति को फंसाने के लिए महिला को आग लगाने के लिए उकसाने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में नामजद कराए गए व्यक्ति को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है।
घटनाक्रम के अनुसार गुन्नौर कोतवाली के ग्राम रसूलपुर निवासी किशनपाल की महिला अनेगश्री के पति की 13 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वह 18 मई की भोर में करीब साढ़े तीन बजे संदिग्ध परिस्थिति में आग लगने से गंभीर रूप से झुलस गई। उसी दिन पहले अलीगढ़ और बाद में दिल्ली उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस मामले में अनेगश्री ने गांव के ही श्योराज व उसके एक अन्य साथी द्वारा आग लगाए जाने का बयान दिया था। इसी आधार पर महिला के भाई अमरीश निवासी ग्राम गोकुलपुर थाना रामघाट, जनपद बुलंदशहर ने श्योराज व एक अज्ञात के खिलाफ जान से मारने की नीयत से महिला को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस द्वारा मामले में की गई विवेचना में जो सच सामने आया, पुलिस के अनुसार महिला अनेगश्री का गांव के ही कल्याण से प्रेम प्रसंग था। अनेगश्री अपने पुत्र के साथ गांव में एक कमरे में रह रही थी। वह दूसरी जगह अपना दो कमरों का मकान बनवा रही थी। इसी के निर्माण को लेकर पड़ोसी श्योराज से उसका विवाद हुआ था। इसकी शिकायत उसने प्रेमी कल्याण से की तो उसने श्योराज को फंसाने के लिए योजना बना डाली।
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साजिश के तहत प्रेमी कल्याण ने कहा कि वह अपने कपड़ों में थोड़ा सा डीजल डालकर आग लगा लेना और श्योराज का नाम लगा देना। महिला ने ऐसा ही किया, लेकिन वह आग में 80 प्रतिशत जल गई थी। घटना के कुछ मिनट बाद ही कल्याण उसके घर पहुंच गया और महिला को लेकर गुन्नौर के एक अस्पताल में पहुंचा। यहां डॉक्टर ने उपचार करने से इन्कार कर दिया तो वह महिला को अलीगढ़ ले गया।
यहां जानकारी होने के बाद महिला के भाई समेत अन्य मायके वाले भी पहुंच गए। यहां से महिला के भाई ने कल्याण को भगा दिया। इसके बाद नाजुक हालत में अनेगश्री को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कल्याण सिंह को सोमवार की सुबह 8.45 बजे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
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शुरू से ही शक के दायरे में था महिला का प्रेमी कल्याण
महिला की आग में जलने से हुई मौत को लेकर शुरू से ही उसका प्रेमी कल्याण शक के दायरे में था। इसमें पहला शक तो गांव के लोगों को तभी हो गया था, जब साढ़े तीन बजे महिला को आग लगी और गांव के दूसरे छोर पर रहने वाला कल्याण चंद मिनट में ही महिला के पास पहुंच गया। परिवार के लोगों को जानकारी भी नहीं हुई और वह इलाज के लिए उसे अलीगढ़ तक ले गया। घटना के बाद कल्याण लगातार उसके साथ रहा और अंतिम संस्कार में भी मौजूद रहा।
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मृतका के ससुर ने भी लिया था कल्याण का नाम
ग्राम रसूलपुर में आग में जली महिला के ससुर दरियाव सिंह ने अंतिम संस्कार के समय ही स्पष्ट कह दिया था कि उसे उपचार के लिए ले जाने वाले गांव का ही कल्याण इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने कहा था कि उनकी पुत्रवधू अनेगश्री भोर में करीब साढ़े तीन बजे जली थी, इसके बारे में उन्हें व परिवार के अन्य लोगों को घंटों तक जानकारी नहीं हुई, जबकि गांव के दूसरे छोर पर रहने वाले कल्याण को पता लग गया, आखिर कैसे। वही अपनी बाइक पर बैठाकर उपचार के लिए ले जा रहा था, बाद में ई-रिक्शा करके उसे डॉक्टर के यहां ले गया। उन्होंने यह भी कहा कि अलीगढ़ तक यही व्यक्ति अनेगश्री को लेकर गया था, जिसे उसके भाई ने अस्पताल से भगाया था।
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वर्जन:
महिला के गांव के ही कल्याण सिंह नामक व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। विवेचना में कल्याण सिंह पर शक की सुई घूमी तो खुलासा हो गया। महिला का पड़ोसी से विवाद चल रहा था। इसके चलते उसके प्रेमी ने पड़ोसी को फंसाने के लिए महिला को खुद आग लगाने के लिए उकसाया था।
मनोज कुमार तोमर, एएसपी दक्षिणी संभल
घटनाक्रम के अनुसार गुन्नौर कोतवाली के ग्राम रसूलपुर निवासी किशनपाल की महिला अनेगश्री के पति की 13 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वह 18 मई की भोर में करीब साढ़े तीन बजे संदिग्ध परिस्थिति में आग लगने से गंभीर रूप से झुलस गई। उसी दिन पहले अलीगढ़ और बाद में दिल्ली उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस मामले में अनेगश्री ने गांव के ही श्योराज व उसके एक अन्य साथी द्वारा आग लगाए जाने का बयान दिया था। इसी आधार पर महिला के भाई अमरीश निवासी ग्राम गोकुलपुर थाना रामघाट, जनपद बुलंदशहर ने श्योराज व एक अज्ञात के खिलाफ जान से मारने की नीयत से महिला को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस द्वारा मामले में की गई विवेचना में जो सच सामने आया, पुलिस के अनुसार महिला अनेगश्री का गांव के ही कल्याण से प्रेम प्रसंग था। अनेगश्री अपने पुत्र के साथ गांव में एक कमरे में रह रही थी। वह दूसरी जगह अपना दो कमरों का मकान बनवा रही थी। इसी के निर्माण को लेकर पड़ोसी श्योराज से उसका विवाद हुआ था। इसकी शिकायत उसने प्रेमी कल्याण से की तो उसने श्योराज को फंसाने के लिए योजना बना डाली।
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साजिश के तहत प्रेमी कल्याण ने कहा कि वह अपने कपड़ों में थोड़ा सा डीजल डालकर आग लगा लेना और श्योराज का नाम लगा देना। महिला ने ऐसा ही किया, लेकिन वह आग में 80 प्रतिशत जल गई थी। घटना के कुछ मिनट बाद ही कल्याण उसके घर पहुंच गया और महिला को लेकर गुन्नौर के एक अस्पताल में पहुंचा। यहां डॉक्टर ने उपचार करने से इन्कार कर दिया तो वह महिला को अलीगढ़ ले गया।
यहां जानकारी होने के बाद महिला के भाई समेत अन्य मायके वाले भी पहुंच गए। यहां से महिला के भाई ने कल्याण को भगा दिया। इसके बाद नाजुक हालत में अनेगश्री को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कल्याण सिंह को सोमवार की सुबह 8.45 बजे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
शुरू से ही शक के दायरे में था महिला का प्रेमी कल्याण
महिला की आग में जलने से हुई मौत को लेकर शुरू से ही उसका प्रेमी कल्याण शक के दायरे में था। इसमें पहला शक तो गांव के लोगों को तभी हो गया था, जब साढ़े तीन बजे महिला को आग लगी और गांव के दूसरे छोर पर रहने वाला कल्याण चंद मिनट में ही महिला के पास पहुंच गया। परिवार के लोगों को जानकारी भी नहीं हुई और वह इलाज के लिए उसे अलीगढ़ तक ले गया। घटना के बाद कल्याण लगातार उसके साथ रहा और अंतिम संस्कार में भी मौजूद रहा।
मृतका के ससुर ने भी लिया था कल्याण का नाम
ग्राम रसूलपुर में आग में जली महिला के ससुर दरियाव सिंह ने अंतिम संस्कार के समय ही स्पष्ट कह दिया था कि उसे उपचार के लिए ले जाने वाले गांव का ही कल्याण इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने कहा था कि उनकी पुत्रवधू अनेगश्री भोर में करीब साढ़े तीन बजे जली थी, इसके बारे में उन्हें व परिवार के अन्य लोगों को घंटों तक जानकारी नहीं हुई, जबकि गांव के दूसरे छोर पर रहने वाले कल्याण को पता लग गया, आखिर कैसे। वही अपनी बाइक पर बैठाकर उपचार के लिए ले जा रहा था, बाद में ई-रिक्शा करके उसे डॉक्टर के यहां ले गया। उन्होंने यह भी कहा कि अलीगढ़ तक यही व्यक्ति अनेगश्री को लेकर गया था, जिसे उसके भाई ने अस्पताल से भगाया था।
वर्जन:
महिला के गांव के ही कल्याण सिंह नामक व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। विवेचना में कल्याण सिंह पर शक की सुई घूमी तो खुलासा हो गया। महिला का पड़ोसी से विवाद चल रहा था। इसके चलते उसके प्रेमी ने पड़ोसी को फंसाने के लिए महिला को खुद आग लगाने के लिए उकसाया था।
मनोज कुमार तोमर, एएसपी दक्षिणी संभल