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Barabanki News: लागत बढ़ी, खरीद दर घटी, 50 दुग्ध समितियां बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 26 May 2026 02:13 AM IST
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बाराबंकी। जनपद के डेयरी उद्योग में इस समय एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां बड़े ब्रांड्स ने आम उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतें दो रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी तरफ अयोध्या दुग्ध संघ ने पशुपालकों से खरीदे जाने वाले दूध की दरों में चार रुपये प्रति लीटर तक की कटौती कर दी है।
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं की जेब तो ढीली हो ही रही है, लेकिन पशुपालकों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लागत बढ़ने और खरीद दरें घटने के कारण जिले के लगभग 10 हजार पशुपालक इस समय अपनी मेहनत का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
लागत में 30% वृद्धि, खरीद दर में कटौती : अयोध्या दुग्ध संघ द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, साढ़े छह फैट वाले दूध की खरीद दर 54 रुपये से घटाकर 50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। दुग्ध संघ का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीते एक साल के भीतर पशु आहार, चोकर, भूसा और चुन्नी के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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पशुपालकों का कहना है कि पहले जहां पशुपालन से पूरे परिवार का खर्च आसानी से चल जाता था, वहीं अब पशुओं के लिए दो वक्त का चारा जुटाना भी घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
50 समितियों में ठप हुआ दूध का संग्रहण
इस आर्थिक असंतुलन का सीधा असर जिले के दुग्ध संग्रहण नेटवर्क पर पड़ा है। बाराबंकी में वर्तमान समय में कुल 295 दुग्ध समितियां गठित हैं, जिनमें से करीब 205 समितियां नियमित रूप से संचालित हो रही थीं। दुग्ध संघ द्वारा खरीद दरें घटाए जाने के बाद पशुपालकों में भारी आक्रोश है, जिसके चलते लगभग 50 समितियों में दूध का संग्रहण पूरी तरह से बंद हो चुका है। इससे काफी नुकसान हो रहा है।
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं की जेब तो ढीली हो ही रही है, लेकिन पशुपालकों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लागत बढ़ने और खरीद दरें घटने के कारण जिले के लगभग 10 हजार पशुपालक इस समय अपनी मेहनत का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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लागत में 30% वृद्धि, खरीद दर में कटौती : अयोध्या दुग्ध संघ द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, साढ़े छह फैट वाले दूध की खरीद दर 54 रुपये से घटाकर 50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। दुग्ध संघ का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीते एक साल के भीतर पशु आहार, चोकर, भूसा और चुन्नी के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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50 समितियों में ठप हुआ दूध का संग्रहण
इस आर्थिक असंतुलन का सीधा असर जिले के दुग्ध संग्रहण नेटवर्क पर पड़ा है। बाराबंकी में वर्तमान समय में कुल 295 दुग्ध समितियां गठित हैं, जिनमें से करीब 205 समितियां नियमित रूप से संचालित हो रही थीं। दुग्ध संघ द्वारा खरीद दरें घटाए जाने के बाद पशुपालकों में भारी आक्रोश है, जिसके चलते लगभग 50 समितियों में दूध का संग्रहण पूरी तरह से बंद हो चुका है। इससे काफी नुकसान हो रहा है।