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Noida News: हिस्ट्रीशीटर से मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा कराने का आरोप
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फोटो-दलित किसान ने प्रशासनिक अधिकारियों पर लगाए आरोप
-ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा, न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर तहसील क्षेत्र के गांव झुप्पा निवासी अनुसूचित जाति के एक किसान ने हिस्ट्रीशीटर पर कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारियों पर मामले में कार्रवाई नहीं करने को लेकर शुक्रवार को सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम प्रशासन के कार्यालय में शिकायत दी है।
गांव झुप्पा निवासी राधे एवं नथी का आरोप है कि उनकी भूमि पर उनका खेती का अधिकार रहा है। आरोप है कि उनकी करीब पांच बीघा भूमि पर जेवर थाना क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर रुपन पुत्र राजवीर एवं उसके चाचा रणवीर उर्फ रन्नी, बलजीत, संजीव पुत्र समय सिंह के द्वारा जबरन अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जे की शिकायत उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को तहसील प्रशासन से की थी। मामले की जांच के दौरान राजस्व विभाग के लेखपाल ने मौके का निरीक्षण कर उनकी भूमि पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद उन्होंने 11 मई 2026 को जिलाधिकारी को भी शिकायत देकर कब्जा हटवाने और न्याय दिलाने की मांग की थी। जिलाधिकारी को शिकायत भेजे जाने के बाद जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह नाराज हो गए। एसडीएम ने उनके एक पारिवारिक मित्र को फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।
सात माह में 25 बार से अधिक लगा चुके हैं चक्कर : शिकायतकर्ता का कहना है कि पिछले सात माह से उसकी जमीन पर अवैध कब्जा है। इस दौरान वह 25 बार से अधिक बार सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर शिकायत कर चुका है। आरोप है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में एक लेखपाल का भी उल्लेख किया गया है।
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यह एआरओ सर्वे का मामला है। मामला मुझसे संबंधित नहीं है। धमकी वाला ऑडियो संज्ञान में नहीं है।
-दुर्गेश सिंह, एसडीएम जेवर
मैं दोपहर 2 बजे तक कलेक्ट्रेट में थी। शिकायतकर्ता मुझसे नहीं मिला है। मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-चारुल यादव, एआरओ सर्वे अधिकारी
-शिकायतकर्ता की अलग-अलग पांच शिकायत पत्र थे। पूर्व में 10 बार मामले को दिखवाया जा चुका है। एआरओ और एसडीएम की शिकायत के संबंध में जांच कराई जाएगी। -मंगलेश दुबे, एडीएम प्रशासन
-ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा, न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर तहसील क्षेत्र के गांव झुप्पा निवासी अनुसूचित जाति के एक किसान ने हिस्ट्रीशीटर पर कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारियों पर मामले में कार्रवाई नहीं करने को लेकर शुक्रवार को सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम प्रशासन के कार्यालय में शिकायत दी है।
गांव झुप्पा निवासी राधे एवं नथी का आरोप है कि उनकी भूमि पर उनका खेती का अधिकार रहा है। आरोप है कि उनकी करीब पांच बीघा भूमि पर जेवर थाना क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर रुपन पुत्र राजवीर एवं उसके चाचा रणवीर उर्फ रन्नी, बलजीत, संजीव पुत्र समय सिंह के द्वारा जबरन अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जे की शिकायत उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को तहसील प्रशासन से की थी। मामले की जांच के दौरान राजस्व विभाग के लेखपाल ने मौके का निरीक्षण कर उनकी भूमि पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद उन्होंने 11 मई 2026 को जिलाधिकारी को भी शिकायत देकर कब्जा हटवाने और न्याय दिलाने की मांग की थी। जिलाधिकारी को शिकायत भेजे जाने के बाद जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह नाराज हो गए। एसडीएम ने उनके एक पारिवारिक मित्र को फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।
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सात माह में 25 बार से अधिक लगा चुके हैं चक्कर : शिकायतकर्ता का कहना है कि पिछले सात माह से उसकी जमीन पर अवैध कब्जा है। इस दौरान वह 25 बार से अधिक बार सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर शिकायत कर चुका है। आरोप है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में एक लेखपाल का भी उल्लेख किया गया है।
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यह एआरओ सर्वे का मामला है। मामला मुझसे संबंधित नहीं है। धमकी वाला ऑडियो संज्ञान में नहीं है।
-दुर्गेश सिंह, एसडीएम जेवर
मैं दोपहर 2 बजे तक कलेक्ट्रेट में थी। शिकायतकर्ता मुझसे नहीं मिला है। मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-चारुल यादव, एआरओ सर्वे अधिकारी
-शिकायतकर्ता की अलग-अलग पांच शिकायत पत्र थे। पूर्व में 10 बार मामले को दिखवाया जा चुका है। एआरओ और एसडीएम की शिकायत के संबंध में जांच कराई जाएगी। -मंगलेश दुबे, एडीएम प्रशासन