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Farmers in Hansi stage a sit-in outside the Tehsildar's office over compensation for crop damage
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हांसी में फसल खराब के मुआवजे को लेकर किसानों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर डाला डेरा
भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों ने पिछले साल जलभराव के कारण खराब हुई फसलों का मुआवजा ने मिलने पर जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। डीसी के न मिलने पर किसान तहसीलदार के कार्यालय के आगे बैठे गए। इस दौरान सीटीएम उनसे ज्ञापन लेने व समझाने के लिए पहुंचे तो किसान नहीं माने। करीब दो घंटे के बाद एडीसी लक्षित सरीन वहां पहुंचे तो किसानों ने उन्हें ज्ञापन दिया।
बताया जा रहा है कि डीसी उस समय वीसी में व्यस्त थे। जिसके चलते वह किसानों से मिल नहीं सके। इधर किसान डीसी से मिलने के लिए पहुंचे थे। जब डीसी नहीं मिले तो किसानों ने जोरदार हंगामा किया व तहसीलदार ऑफिस के बाहर जमीन पर डेरा डाल दिया। उन्होंने कहा जब तक मुवावजा नहीं मिलेगा तब तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा किसानों ने गांव चानौत व मुजादपुर के गांवों को पीने के पानी दिलवाने की मांग भी रखी।
सीटीएम हिमांशु ने किसानों को कहा कि वह उन्हें ज्ञापन दे दें। लेकिन किसान मांग पर अडे रहे कि डीसी से मिल कर उन्हें ही ज्ञापन देंगे। हालांकि सीटीएम व डीसी के पीए ने उन्हें खुब समझाया। लेकिन किसान नहीं मानें। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मुआवजा और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि कहा कि पिछले वर्ष जलभराव के कारण किसानों की फसलें खराब हो गईं थी।
लेकिन अभी तक प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन व सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसे किसान अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस नेता अशोक मलिक ने कहा कि जलभराव के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई थी। लेकिन सरकार अभी तक मुआवजा नहीं दे रही। किसानों ने कहा कि वे अपना हक लेकर रहेंगे और मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
महिला किसानों ने कहा कि फसल खराब होने से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। घर चलाना मुश्किल हो रहा है व बच्चों की शादियां तक नहीं हो रही हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
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