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Moradabad News: पशुपति फैक्टरी में तीन माह बाद एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद
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ठाकुरद्वारा। नगर में काशीपुर रोड पर स्थित पशुपति एक्रीलोन फैक्टरी में सोमवार को एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया है। डॉक्टरों की टीम ने फैक्टरी परिसर में ही तेंदुए का मेडिकल किया। मेडिकल में तेंदुआ स्वस्थ मिला। उसकी उम्र करीब तीन वर्ष और वह नर बताया गया है। वन विभाग के रेंजर ने तेंदुआ पकड़े जाने की रिपोर्ट डीएफओ को भेजी है और उसे छोड़े जाने वाले वन क्षेत्र के बारे में अनुमति मांगी है।
फैक्टरी परिसर में तेंदुए की गतिविधियां प्रकाश में आती रहती हैं। करीब तीन माह पूर्व फैक्टरी प्रबंधन की सूचना पर वन विभाग ने वहां पर पिंजरा लगाया था तो उसमें एक तेंदुआ कैद हो गया था। इसके बाद नौ और 10 मार्च को फैक्टरी परिसर में दोबारा तेंदुए की गतिविधियों होने की जानकारी मिलने वन विभाग ने 10 मार्च को पिंजरा लगाया था।
वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि रविवार शाम को पिंजरे में एक कुत्ता बांधा गया था। जिसका शिकार करने के लालच में तेंदुआ पिंजरे के अंदर घुसा और उसमें कैद हो गया। उन्होंने बताया कि मेडिकल परीक्षण में तेंदुआ बिल्कुल स्वस्थ पाया गया है। रेंजर ने बताया कि अब तक 10 तेंदुए वन विभाग एक वर्ष में पकड़ चुका है। अभी कुछ दिन पहले गांव मैसूवाला के पास तेंदुए को पिंजरे में पकड़ा गया था। इससे पहले गांव आलमगीरपुर, राईभूड़ सहित कई स्थानों पर तेंदुए पकड़े गए हैं। रेंजर का कहना है कि अनुमान है कि क्षेत्र में अभी भी 10 से 15 तेंदुए सक्रिय हैं। बता दें कि तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों से करीब 50 गांव में इनकी दहशत है।
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फैक्टरी परिसर में तेंदुए की गतिविधियां प्रकाश में आती रहती हैं। करीब तीन माह पूर्व फैक्टरी प्रबंधन की सूचना पर वन विभाग ने वहां पर पिंजरा लगाया था तो उसमें एक तेंदुआ कैद हो गया था। इसके बाद नौ और 10 मार्च को फैक्टरी परिसर में दोबारा तेंदुए की गतिविधियों होने की जानकारी मिलने वन विभाग ने 10 मार्च को पिंजरा लगाया था।
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वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि रविवार शाम को पिंजरे में एक कुत्ता बांधा गया था। जिसका शिकार करने के लालच में तेंदुआ पिंजरे के अंदर घुसा और उसमें कैद हो गया। उन्होंने बताया कि मेडिकल परीक्षण में तेंदुआ बिल्कुल स्वस्थ पाया गया है। रेंजर ने बताया कि अब तक 10 तेंदुए वन विभाग एक वर्ष में पकड़ चुका है। अभी कुछ दिन पहले गांव मैसूवाला के पास तेंदुए को पिंजरे में पकड़ा गया था। इससे पहले गांव आलमगीरपुर, राईभूड़ सहित कई स्थानों पर तेंदुए पकड़े गए हैं। रेंजर का कहना है कि अनुमान है कि क्षेत्र में अभी भी 10 से 15 तेंदुए सक्रिय हैं। बता दें कि तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों से करीब 50 गांव में इनकी दहशत है।