{"_id":"6a14c048667161f5700ae206","slug":"take-decision-on-salary-hike-of-retired-railway-employees-within-three-months-cat-allahabad-news-c-3-ald1034-892644-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत्त रेलकर्मी की वेतन वृद्धि पर तीन माह में फैसला लें : कैट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत्त रेलकर्मी की वेतन वृद्धि पर तीन माह में फैसला लें : कैट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रयागराज।
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की इलाहाबाद पीठ ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी के वार्षिक वेतन वृद्धि संबंधी मांग पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायिक सदस्य रजनीश कुमार राय ने नरसिंह मिस्त्री की याचिका पर दिया।
चंदौली निवासी नरसिंह मिस्त्री की नियुक्ति 23 अगस्त 1982 को रेलवे विभाग में स्टेनोग्राफर के पद पर की गई थी। वह 30 जून 2015 को दीनदयाल उपाध्याय रेलवे कारखाना स्थित प्लांट डिपो से सेवानिवृत्त हुए। उनका आरोप था कि सेवानिवृत्ति के कारण उस साल के वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से केपीटीसीएल बनाम सीपी मुंडी और यूनियन ऑफ इंडिया बनाम एम सिद्धराज में दिए गए फैसलों के आधार पर याची ने आठ मई 2025 को रेलवे अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। 12 जनवरी 2026 को स्मरण पत्र भी भेजा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
विज्ञापन
न्यायाधिकरण ने कहा कि याची की मांग पर सक्षम प्राधिकारी कारणयुक्त और स्पष्ट आदेश पारित करें। प्रत्यावेदन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आलोक में विचार कर प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से तीन माह के भीतर निर्णय लिया जाए। ब्यूरो
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की इलाहाबाद पीठ ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी के वार्षिक वेतन वृद्धि संबंधी मांग पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायिक सदस्य रजनीश कुमार राय ने नरसिंह मिस्त्री की याचिका पर दिया।
चंदौली निवासी नरसिंह मिस्त्री की नियुक्ति 23 अगस्त 1982 को रेलवे विभाग में स्टेनोग्राफर के पद पर की गई थी। वह 30 जून 2015 को दीनदयाल उपाध्याय रेलवे कारखाना स्थित प्लांट डिपो से सेवानिवृत्त हुए। उनका आरोप था कि सेवानिवृत्ति के कारण उस साल के वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से केपीटीसीएल बनाम सीपी मुंडी और यूनियन ऑफ इंडिया बनाम एम सिद्धराज में दिए गए फैसलों के आधार पर याची ने आठ मई 2025 को रेलवे अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। 12 जनवरी 2026 को स्मरण पत्र भी भेजा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
Trending Videos
न्यायाधिकरण ने कहा कि याची की मांग पर सक्षम प्राधिकारी कारणयुक्त और स्पष्ट आदेश पारित करें। प्रत्यावेदन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आलोक में विचार कर प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से तीन माह के भीतर निर्णय लिया जाए। ब्यूरो