{"_id":"6a14b74957451fda3d07f39b","slug":"petitioner-calls-attorney-generals-claim-on-labhchandra-market-demolition-a-lie-agra-news-c-25-1-agr1035-1069119-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: लाभचंद्र मार्केट ध्वस्तीकरण पर अटॉर्नी जनरल के दावे को याचिकाकर्ता ने बताया झूठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: लाभचंद्र मार्केट ध्वस्तीकरण पर अटॉर्नी जनरल के दावे को याचिकाकर्ता ने बताया झूठ
विज्ञापन
लाभचंद्र मार्केट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आगरा। राजा मंडी बाजार स्थित लाभचन्द्र मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने अमरजोत सिंह सूरी बनाम अरविंद मल्लप्पा बंगारी मामले में प्रतिवादियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का एक और अवसर दिया है। भारत के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि ध्वस्तीकरण आदेश का पूरी तरह से पालन हो चुका है, जबकि याचिकाकर्ता ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत और झूठा बताया है।
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ के समक्ष 22 मई को अवमानना याचिका सुनवाई की गई। सोमवार को आदेश अपलोड हो गया। देश के अटॉर्नी जनरल ने न्यायालय को बताया कि लाभचंद्र मार्केट में ध्वस्तीकरण से संबंधित आदेश का पूरी तरह से अनुपालन किया जा चुका है और अब कुछ भी ध्वस्त किया जाना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को देख रहे हैं और कानून के अनुसार इसे सुलझाने का पूरा प्रयास करेंगे। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील ने एजी के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और झूठ है। याची के वकील ने तर्क दिया कि अदालत के आदेश के अनुसार वास्तव में कोई ध्वस्तीकरण नहीं हुआ है।
न्यायालय ने स्थिति को देखते हुए अवमाननाकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए एक और मौका दिया है कि आदेश का पूर्ण अनुपालन किया जाए या विस्तृत हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखे। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को भी हलफनामे के माध्यम से प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने की छूट दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि ढांचे के कब्जे में बने रहने के लिए किसी समझौते के तहत किराया देने का कोई दायित्व याचिकाकर्ता पर है, तो न्याय के संतुलन के लिए उसे अगली सुनवाई से पहले चुकाया जाना चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
विज्ञापन
Trending Videos
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ के समक्ष 22 मई को अवमानना याचिका सुनवाई की गई। सोमवार को आदेश अपलोड हो गया। देश के अटॉर्नी जनरल ने न्यायालय को बताया कि लाभचंद्र मार्केट में ध्वस्तीकरण से संबंधित आदेश का पूरी तरह से अनुपालन किया जा चुका है और अब कुछ भी ध्वस्त किया जाना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को देख रहे हैं और कानून के अनुसार इसे सुलझाने का पूरा प्रयास करेंगे। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील ने एजी के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और झूठ है। याची के वकील ने तर्क दिया कि अदालत के आदेश के अनुसार वास्तव में कोई ध्वस्तीकरण नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायालय ने स्थिति को देखते हुए अवमाननाकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए एक और मौका दिया है कि आदेश का पूर्ण अनुपालन किया जाए या विस्तृत हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखे। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को भी हलफनामे के माध्यम से प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने की छूट दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि ढांचे के कब्जे में बने रहने के लिए किसी समझौते के तहत किराया देने का कोई दायित्व याचिकाकर्ता पर है, तो न्याय के संतुलन के लिए उसे अगली सुनवाई से पहले चुकाया जाना चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।