इराक में जम्मू के इस शख्स का कोई अता-पता नहीं
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इराक संकट से जम्मू कश्मीर के मीरां साहिब निवासी राजेश कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सुन्नी आतंकियों द्वारा इराक में अगवा चालीस भारतीय की घटना के बाद राजेश का कोई अता पता नहीं है। उसका मोबाइल नंबर लगातार स्विच आफ चल रहा है।
कंपनी के किसी अधिकारी से भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार वालों का रो रोककर बुरा हाल है। आधिकारिक तौर पर राजेश के अपहरण की अभी कोई सूचना नहीं दी गई है।
राजेश कुमार 24 सितंबर 2012 से इराक के बसरा शहर में शोपरांजली नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा था। पिता सरवन चौधरी ने बताया कि गत बुधवार रात को टीवी चैनलों पर भारतीयों के अगवा होने की खबर के बाद घर में चूल्हा नहीं जल पाया है।
नहीं हो पा रहा संपर्क
राजेश से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। दस दिन पहले राजेश से आखिरी बार मोबाइल पर बातचीत में उसने बताया था कि कंपनी के आसपास के क्षेत्र में धमाके हो रहे हैं। यहां हालात लगाचार बिगड़ रहे हैं।
छुट्टी के लिए कंपनी को आवेदन दिया है, लेकिन अभी मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि राजेश की मासी गारो देवी की बेटी की 20 जून को ग्राने गांव आरएसपुरा में शादी है और वीरवार को उसका शगुन आना था।
लेकिन उन्हें राजेश की घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई है। राजेश घर में तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर है। बड़े भाई राज कुमार ने बताया कि इराक में अगवा भारतीयों की घटना के बाद राजेश की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। पत्नी रीना देवी का रो-रोककर बुरा हाल है।