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IGI Airport: देश में पहली बार रियल-टाइम एटमॉस्फेरिक मॉनिटरिंग सिस्टम की शुरुआत, मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 30 May 2026 02:22 AM IST
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सार
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘स्काईकास्ट’ नाम से अत्याधुनिक एविएशन वेदर इंटेलिजेंस और नाउकास्टिंग सुविधा का उद्घाटन हुआ है।

IGI Airport: Real-time atmospheric monitoring system launched for the first time in the country
आईजीआई एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा बना है जहां उड़ानों के संचालन के लिए रियल-टाइम एटमॉस्फेरिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

विमानन सुरक्षा और मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने एक बड़ी छलांग लगाई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘स्काईकास्ट’ नाम से अत्याधुनिक एविएशन वेदर इंटेलिजेंस और नाउकास्टिंग सुविधा का उद्घाटन हुआ है। आईजीआई एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा बना है जहां उड़ानों के संचालन के लिए रियल-टाइम एटमॉस्फेरिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है।



स्काईकास्ट सिस्टम नेक्स्ट-जेनरेशन मौसम विज्ञान प्लेटफॉर्म है। यह सिस्टम रडार विंड प्रोफाइलर, माइक्रोवेव प्रोफाइलिंग रेडियोमीटर, सोडार और ऑटोमेटेड वेदर स्टेशनों को एक साथ जोड़ता है। यह जमीन से लेकर करीब 10 किमी की ऊंचाई तक तापमान, आर्द्रता, हवा की गति-दिशा, वर्टिकल विंड स्ट्रक्चर और क्लाउड लिक्विड वॉटर कंटेंट की लगातार निगरानी करेगा।
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स्काईकास्ट सिस्टम ऑटोमेटेड मौसम पूर्वानुमान (नाउकास्टिंग) और प्राकृतिक आपदाओं (हैजर्ड) अलर्टिंग क्षमता से लैस है। यह हवा में होने वाले तीव्र बदलाव, कोहरा, इनवर्जन, लो-लेवल जेट, आइसिंग और चक्रवात (टर्बुलेंस) जैसे खतरों का तुरंत पता लगाकर रियल-टाइम अलर्ट जारी करेगा। साथ ही हर 5 मिनट में अपडेटेड शॉर्ट-टर्म ऑपरेशनल नाउकास्ट देता है और रनवे-स्पेसिफिक विंड शीयर अलर्टिंग को सपोर्ट करता है। स्काईकास्ट की लांचिंग से दिल्ली एयरपोर्ट स्मार्ट एविएशन हब के तौर पर और मजबूत हुआ है। इससे न सिर्फ पैसेंजर सुविधा बढ़ेगी बल्कि एविएशन मौसम विज्ञान में भारत की स्वदेशी क्षमता को भी बल मिलेगा।
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पायलट, मौसम वैज्ञानिकों ओर एटीसी के लिए उपयोगी : यह सिस्टम नागरिक उड्डयन संगठन और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन मानकों के अनुरूप है। यह विज एयर सॉफ्टवेयर सूट के जरिए मौसम वैज्ञानिकों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों और पायलटों को निर्णय लेने में मदद करेगा। हांगकांग, हीथ्रो, जेएफके और सिंगापुर चांगी जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर इसी तरह की तकनीक का उपयोग होता है।
यात्रियों और एयरलाइंस को सीधा फायदा

मौसम में तेजी से बदलाव पर स्काईकास्ट से सटीक जानकारी मिलेगी, इससे टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान सुरक्षा बढ़ेगी, कोहरे में तैयारियां बेहतर होंगी। मौसम की जानकारी जल्दी मिलेगी और विमानों के डायवर्जन कम होंगे।
-विदेह कुमार जयपुरियार, सीईओ दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड

फ्लाइट डाइवर्ट

खराब मौसम के कारण पुणे से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट IX1231 को लखनऊ हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया, वहीं पुणे से दिल्ली जाने वाली एक अन्य फ्लाइट AI1839 भी प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रभावित हुई।
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