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Muzaffarnagar: अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी, दो दिन रजिस्ट्री कार्य ठप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 16 Jun 2026 03:23 PM IST
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सार
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मुजफ्फरनगर के जानसठ में अधिवक्ताओं ने ई-पंजीकरण और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी कर दो दिन तक न्यायिक और रजिस्ट्री कार्य से दूर रहने का ऐलान किया गया।

Muzaffarnagar: Lawyers Protest Against Privatization, Registry Work Comes to a Halt
अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश शासन की ओर से ई-पंजीकरण और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में मुजफ्फरनगर जनपद में जानसठ के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी कर विरोध जताया गया, जिससे रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।

तहसील बार एसोसिएशन जानसठ ने 16 और 17 जून 2026 को सभी न्यायालयों के न्यायिक कार्य और रजिस्ट्री कार्य से पूरी तरह दूर रहने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं ने इस दौरान कलमबंद हड़ताल भी शुरू कर दी है।

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निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता
अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने का प्रस्ताव जनहित और अधिवक्ता हितों के विपरीत है। इसी प्रकार रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण का भी लगातार विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव लागू किया गया तो इससे पारदर्शिता और व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

निबंधन कार्यालयों में रही तालाबंदी
विरोध के तहत अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी कर दी, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े कार्य प्रभावित रहे। हड़ताल के चलते न्यायालयों में भी नियमित कार्य प्रभावित हुआ। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर में इसी मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन चल रहा है और बड़ी संख्या में अधिवक्ता इसमें शामिल हैं।

मांगें न मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग दोहराई।

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