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Baghpat News: पेट्रोल के दाम बढ़ने से दाल-चावल का स्वाद बिगड़ा, चीनी की मिठास भी महंगी
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बागपत। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी होने से किराना बाजार गर्म हो गया है तो रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है। क्योंकि परिवहन महंगा होने के कारण बाजार में सरसों के तेल के दाम 10 रुपये किलो बढ़ गए हैं तो दाल-चावल का स्वाद और चीनी की मिठास भी पहले से महंगी हो गई है।
पिछले दो सप्ताह में डीजल-पेट्रोल के दाम तीन बार बढ़ाए जा चुके हैं, जबकि इससे पहले रसोई गैस सिलिंडर भी महंगे हो गए थे। इससे परिवहन खर्च 10 फीसदी बढ़ गया, जिससे किराना दुकानों पर मिलने वाले सामान के दाम भी बढ़ गए हैं। चीनी का कट्टा पिछले सप्ताह 2150 रुपये का मिलता था, जो अब 2220 हो गया है, जिससे चीनी पर दो रुपये किलो बढ़ा दिए गए हैं। सरसों के तेल का दाम 165 रुपये किलो से बढ़कर 175 रुपये किलो हो गया है, जबकि अरहर की दाल 95 रुपये किलो से 100 रुपये किलो बिक रही है। डबल चाबी ब्रांड चावल के दाम 95 से 110 रुपये किलो व छोले 110 से 120 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
-परिवहन महंगा होने का असर सभी उत्पादों पर पड़ रहा है। इसमें रसोई से जुड़े उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
-अंकुर जैन, व्यापारी
-चावल की सप्लाई पर भी असर देखने को मिल रहा है। सरसों का तेल 10 रुपये किलो तो चीनी के दो रुपये किलो दाम बढ़ गए हैं। इनके अलावा अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं।
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-मनोज गोयल, व्यापारी
-खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। अगर इसी तरह डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते रहे तो रसोई संभालना मुश्किल हो जाएगा।
-शालू, गृहिणी
-लगातार डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर रसोई पर पड़ रहा हैं, क्योंकि सरसों का तेल, दाल-चावल, चीनी समेत अन्य सामान महंगे होने से परेशानी बढ़ गई है। -श्वेता, गृहिणी
पिछले दो सप्ताह में डीजल-पेट्रोल के दाम तीन बार बढ़ाए जा चुके हैं, जबकि इससे पहले रसोई गैस सिलिंडर भी महंगे हो गए थे। इससे परिवहन खर्च 10 फीसदी बढ़ गया, जिससे किराना दुकानों पर मिलने वाले सामान के दाम भी बढ़ गए हैं। चीनी का कट्टा पिछले सप्ताह 2150 रुपये का मिलता था, जो अब 2220 हो गया है, जिससे चीनी पर दो रुपये किलो बढ़ा दिए गए हैं। सरसों के तेल का दाम 165 रुपये किलो से बढ़कर 175 रुपये किलो हो गया है, जबकि अरहर की दाल 95 रुपये किलो से 100 रुपये किलो बिक रही है। डबल चाबी ब्रांड चावल के दाम 95 से 110 रुपये किलो व छोले 110 से 120 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
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-परिवहन महंगा होने का असर सभी उत्पादों पर पड़ रहा है। इसमें रसोई से जुड़े उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
-अंकुर जैन, व्यापारी
-चावल की सप्लाई पर भी असर देखने को मिल रहा है। सरसों का तेल 10 रुपये किलो तो चीनी के दो रुपये किलो दाम बढ़ गए हैं। इनके अलावा अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं।
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-खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। अगर इसी तरह डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते रहे तो रसोई संभालना मुश्किल हो जाएगा।
-शालू, गृहिणी
-लगातार डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर रसोई पर पड़ रहा हैं, क्योंकि सरसों का तेल, दाल-चावल, चीनी समेत अन्य सामान महंगे होने से परेशानी बढ़ गई है। -श्वेता, गृहिणी