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Amroha News: कक्षा पांच तक का शिक्षा का स्तर सुधरेगा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:46 AM IST
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अमरोहा। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने 10 नए शैक्षणिक मानक निर्धारित किए हैं। इन मानकों के आधार पर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी की जाएगी।
इसके साथ ही विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर ढंग से सीख सकें।
जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के अंतर्गत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए भी नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं। इन लक्ष्यों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित तथा पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक मानकों के तहत शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कार्य देना होगा, उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा तथा सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा निपुण 2.0 की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर को और अधिक प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सके।
इसके साथ ही विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर ढंग से सीख सकें।
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जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के अंतर्गत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए भी नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं। इन लक्ष्यों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित तथा पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक मानकों के तहत शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कार्य देना होगा, उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा तथा सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा निपुण 2.0 की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर को और अधिक प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सके।