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Amroha News: डिजिटल रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों का धरना जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:39 AM IST
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अमरोहा। डिजिटल ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अमरोहा सदर तहसील में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में वकील रजिस्ट्री कार्यालय के सामने धरने पर डटे रहे और ई-रजिस्ट्री योजना के विरोध में जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद और महासचिव संजीव गुर्जर ने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली लागू होने से प्रदेश भर में हजारों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना था कि संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने से तहसीलों में होने वाला पारंपरिक कार्य प्रभावित होगा और रजिस्ट्री कार्यालयों का महत्व भी कम हो जाएगा। आरोप लगाया कि सरकार बिना अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षों से संवाद किए इस व्यवस्था को लागू करना चाहती है, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज किसी भी कीमत पर ई-रजिस्ट्री योजना को लागू नहीं होने देगा और जब तक सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर पूरे दिन अधिवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान वसीम तुर्क, यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, मिंजार हुसैन, शमीम अहमद तुर्क, अमजद इदरीसी, हबीब अहमद, मंसूर अहमद, शौकीन मंसूरी समेत मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद और महासचिव संजीव गुर्जर ने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली लागू होने से प्रदेश भर में हजारों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना था कि संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने से तहसीलों में होने वाला पारंपरिक कार्य प्रभावित होगा और रजिस्ट्री कार्यालयों का महत्व भी कम हो जाएगा। आरोप लगाया कि सरकार बिना अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षों से संवाद किए इस व्यवस्था को लागू करना चाहती है, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज किसी भी कीमत पर ई-रजिस्ट्री योजना को लागू नहीं होने देगा और जब तक सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर पूरे दिन अधिवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान वसीम तुर्क, यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, मिंजार हुसैन, शमीम अहमद तुर्क, अमजद इदरीसी, हबीब अहमद, मंसूर अहमद, शौकीन मंसूरी समेत मौजूद रहे।
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