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Jammu News: ट्रैफिक बूथों में सिमटी पुलिस, सड़कों पर बेलगाम मनमानी
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जम्मू। शहर की यातायात व्यवस्था अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। एक ओर ट्रैफिक पुलिसकर्मी बूथों तक सीमित होकर मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आ रहे हैं, दूसरी ओर सड़कों पर मेटाडोर चालकों की मनमानी चरम पर है। नतीजतन जाम, अव्यवस्था और हादसे का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बिक्रम चौक, शालामार रोड, इंदिरा चौक, ज्वेल सहित अन्य इलाकों में चालकों की मनमानी इतनी बढ़ चुकी है कि रेस तो कभी बिना वर्दी पहने सड़क के बीचोबीच सवारियां भरने और उतारने लग जाते हैं।
कई व्यस्त चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कर्मियों की भूमिका केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। मौके पर देखा गया कि कई जवान बूथों में बैठे हैं जबकि उनके सामने ही मेटाडोर चालक यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
स्थिति यह है कि मेटाडोर चालक सुविधा अनुसार कहीं भी वाहन रोक देते हैं जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए समस्या रोजाना की मुसीबत बन चुकी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता ने मेटाडोर चालकों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। नियमों का पालन कराने वालों की आंखों के सामने ही नियम तोड़े जा रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है।
अगर यही हालात बने रहे तो यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस बूथों से बाहर निकलकर सड़कों पर सक्रियता दिखाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।
कई व्यस्त चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कर्मियों की भूमिका केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। मौके पर देखा गया कि कई जवान बूथों में बैठे हैं जबकि उनके सामने ही मेटाडोर चालक यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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स्थिति यह है कि मेटाडोर चालक सुविधा अनुसार कहीं भी वाहन रोक देते हैं जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए समस्या रोजाना की मुसीबत बन चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता ने मेटाडोर चालकों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। नियमों का पालन कराने वालों की आंखों के सामने ही नियम तोड़े जा रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है।
अगर यही हालात बने रहे तो यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस बूथों से बाहर निकलकर सड़कों पर सक्रियता दिखाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।