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मतदाता सूची में नाम पर विवाद: सोनिया गांधी की ओर से जवाब दाखिल, राउज एवेन्यू कोर्ट में 21 फरवरी को सुनवाई
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: राहुल तिवारी
Updated Sat, 07 Feb 2026 10:59 AM IST
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सार
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से राउज एवेन्यू कोर्ट में रिवीजन याचिका पर जवाब दाखिल किया गया है। याचिका में आरोप है कि भारतीय नागरिकता हासिल किए बिना उनका नाम धोखाधड़ी से मतदाता सूची में जोड़ा गया।
सोनिया गांधी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी की ओर से एक रिवीजन याचिका के संबंध में जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकता हासिल किए बिना उनका नाम धोखाधड़ी से मतदाता सूची में शामिल किया गया। अब इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित है।
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A reply has been filed on behalf of Sonia Gandhi before the Rouse Avenue Court in connection with a revision petition alleging that her name was fraudulently included in the voter list without acquiring Indian citizenship. The court is now scheduled to hear the matter on February… pic.twitter.com/KJQ8puAOMz
— ANI (@ANI) February 7, 2026
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क्या है पूरा मामला
सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। दरअसल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने चार सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई की थी। विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारत की नागरिक बनी थीं।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से जोड़ा गया। त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का है। 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे शामिल हुआ, जिसे फिर 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर से दर्ज किया गया।
सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। दरअसल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने चार सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई की थी। विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारत की नागरिक बनी थीं।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से जोड़ा गया। त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का है। 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे शामिल हुआ, जिसे फिर 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर से दर्ज किया गया।