Kamal Death Case: सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार, घटनास्थल पहुंचे मंत्री आशीष सूद; कहा- दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा
Kamal Death Case: दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक कमल की मौत हो गई। इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मंत्री आशीष सूद घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा।
विस्तार
Kamal Death Case: राजधानी दिल्ली में जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गुरुवार देर रात गिरने से कमल की मौत हो गई। इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि जनकपुरी वी-ब्लॉक में 20 फीट गहरे गड्ढे में रात गिरे युवक ने मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। आज सुबह दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद घटनास्थल जनकपुरी पहुंचकर जायजा लिए।
कमल मौत मामले में बीते दिन शुक्रवार को भी कार्रवाई की गई थी। संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया था और एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं आज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है।
Delhi | Subcontractor Rajesh Prajapati has been arrested in connection with the death of Delhi resident Kamal Dhyani after falling into a pit on his bike in Janakpuri on 5th Feb: Delhi Police
— ANI (@ANI) February 7, 2026
इस दौरान मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 'इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।'
उन्होंने कहा कि 'सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सड़क को सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा, ताकी लोगों को कम से कम असुविधा हो। इसी उद्देश्य से हम घटनास्थल पर पहुंचे हैं। दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना से हम भी आहत हैं। इसमें सुधार के लिए स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निगरानी कर रही हैं।'
#WATCH | Delhi Minister Ashish Sood says, "...All the officers responsible for the incident have been suspended...The police have also registered an FIR, and an investigation is underway...We will not spare any accused..." https://t.co/KvyxohjM7Y pic.twitter.com/2zThKWDJKx
— ANI (@ANI) February 7, 2026
बता दें कि जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर घटनास्थल के निरीक्षण में सामने आया कि पिछले कई महीनों से दिल्ली जल बोर्ड का सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। करीब छह मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। हालांकि सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा के अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया।
गड्ढे के बावजूद दुपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जबकि ऐसी स्थिति में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाना जरूरी था। बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी और रात्रि दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर न होने से यह स्थल आम नागरिकों के लिए जानलेवा बन गया। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने सभी इंजीनियरों और काम करने वाली एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों के जमीनी स्तर पर पालन और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
बीते दिन शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। संबंधित निर्माण कार्य को अंजाम दे रही एजेंसी के विरुद्ध भी जांच शुरू कर दी गई है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह है पूरा मामला
कमल गुरुवार की रात करीब 10 बजे बाइक से घर लौट रहा था। वह रोहिणी स्थित एक निजी बैंक की ब्रांच में कार्यरत था। जब वह लौट रहा था तब अचानक जनकपुरी के पास सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे ने उसकी जिंदगी छीन ली। जल बोर्ड से जुड़े इस गड्ढे में गिरने से युवक की मौत हो गई।
मृतक के भाई का आरोप
परिवार का आरोप है कि अगर सड़क पर सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमको इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन उसे ढूंढने में मदद नहीं की। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गाड़ी गिरा दे। रात 1:30 बजे मैंने गड्ढे में जाकर देखा, लेकिन वह उस समय वहां नहीं था। हमने कम से कम छह पुलिस स्टेशनों का पर गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने दोबारा अपने भाई के फोन नंबर पर कॉल किया, तो पुलिस ने फोन उठाया और हमें बताया कि उसका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो मेरा भाई आज जीवित होता।
मामले में जमकर हुई राजनीति
जनकपुरी हादसे पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार को घेरा है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की राजधानी में सड़क के बीच खुले गड्ढे में गिरकर किसी युवक की मौत होना एक हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। नोएडा में हुई घटना के बाद भी भाजपा सरकार नहीं जागी और आज उसी लापरवाही का खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है। केजरीवाल ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही ने एक घर का चिराग बुझा दिया।
प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घटना को लेकर भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनकपुरी में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड ने खोदे गड्ढे में बाइक सवार युवक गिरा, जो पूरी रात वहीं पड़ा रहा और तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। सौरभ भारद्वाज ने मंत्री आशीष सूद के सुरक्षा के सभी इंतजाम होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए कहा कि बैरिकेडिंग और पर्दे पुलिस के आने के बाद सुबह लगाए गए।