यूपी के अलीगढ़ में अतरौली के कासिमपुर पुलिया के पास करीब बीस मिनट तक बदमाश बस यात्रियों को लूटते रहे। बस यात्रियों से पहले बदमाशों का शिकार बने आलू किसान की मानें तो वह बंधन खोलकर पैंठ चौराहे पहुंचकर पुलिस को सूचना नहीं देता तो कई और वाहन लूटेरों का शिकार होते।
और पढ़ें
पीड़ित किसान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जिस रास्ते पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया उस पर पिछले एक माहीने से पुलिस पिकैट के नदारद होने के भी आरोप लगते रहे हैं। एआरएम ने इसकी शिकायत थाना स्तर पर भी की है लेकिन अब तक अमल नहीं हो सका है। चश्मदीदों के मुताबिक मंगलवार तड़के बदमाशों ने रोजवेज बस लूटी। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने पूरी तैयारी की थी, इसके लिए बदमाशों ने बस रोकने के लिए पेड़ काटकर मार्ग रोका था।
अतरौली डिपो के एआरएम एमसी शर्मा के मुताबिक करीब एक साल पहले रात में चलने वाली बसों को सुरक्षा देने के लिए खास व्यवस्था की गई थी। पंड्रावल से रायपुर के दस किमी के रास्ते में पुलिस की निगरानी में पांच-सात बसें एक साथ छोड़ी जाती थी। वहां से एक सिपाही की निगरानी में वाहन आते थे। इसके बाद रायपुर स्टेशन चौकी से कानबाई लगाकर एक साथ पांच-सात बसें छोड़ी जाती थी।
इस दौरान भी सिपाही अतरौली के पैंठ चौराहे तक निगरानी करता था। यहां आने पर सिपाही अतरौली की रात्रि पुलिस गश्ती जीप को सूचना देकर वापस लौट जाता था। इसके अलावा कासिमपुर पुलिया पर भी एक पिकैट रहने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन पिछले एक माह से रात में कानबाई और पिकैट की लापरवाही चल रही है।
चार लाख से ज्यादा की लूट
बस कंडक्टर मनोज और बस चालक धर्मवीर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रोडवेज को लूटने से पहले बदमाशों ने पास के ही कोल्ड स्टोरेज में आलू ला रहे ट्रैक्टर चालक को शिकार बनाया था। उसे बांधकर पास में डाल दिया गया था। जब बदमाश बस को लूटने में व्यस्त थे, ट्रैक्टर चालक आलू किसान किसी तरह बंधन खोकर एक किमी दूर अतरौली के पैंठ चौराहे पहुंचा। वहां काफी देर खड़े रहने के बाद जब पुलिस आई तो पूरा वाकया बताया।
इसके बाद जब मौके की ओर पुलिस दौड़ी तो पीछे से आती बसों और सामने से आती पुलिस जीप को देख बदमाश भाग गए। इस दौरान बदमाश बस में से सवारियों को उतारकर छत पर चढ़ा रहे थे। इसके पीछे उनकी क्या मंशा थी। पुलिस अब तक समझ नहीं पाई है।
इस लूट में बदमाश कुल 50 सवारियों से चार लाख से अधिक का माल ले गए हैं। पशु व्यापारी बुधवार की आलमपुर की पैंठ से एक दिन पहले आता था। उसके पास रकम होती थी। अंदेशा है कि बदमाशों को पहले से जानकारी थी।
आधा दर्जन टीमें गठित, चौकी इंचार्ज-सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट
पेड़ काटकर मार्ग रोका और बस लूट ली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पुलिस अधिकारियों ने इस घटना के खुलासे के लिए आधा दर्जन टीमें बनाई हैं। पाली, अतरौली, हरदुआगंज, दादों, क्राइम ब्रांच सहित बनाई गई आधा दर्जन टीमों ने अपने हिसाब से काम शुरू कर दिया है। मौके से पुलिस को पेड़ काटने की आरी के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सूत्रों की मानें तो अतरौली इलाके के ही दो गिरोह पुलिस निशाने पर हैं।
इस घटनास्थल पर तीन साल पहले भी रोड होल्डअप की घटना हुई थी। उस समय बदमाशों ने दर्जन भर से ज्यादा लोगों को लूटा था। उस गिरोह को भी चिह्नित कर पुलिस काम कर रही है।
एसओ अतरौली डॉ.विनोद कुमार के अनुसार रायपुर स्टेशन चौकी के दरोगा नीलेश कुमार और सिपाही युगलेश और होमगार्ड की ड्यूटी थी। सिपाही को ही कानबाई लगाकर बसें एक साथ लानी थीं। मगर इन्होंने लापरवाही बरती है। खबर है कि पूरा स्टाफ चौकी में सोया हुआ था। इसे घोर लापरवाही माना गया है। इस संबंध में रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है। साथ ही उन्हें चेतावनी भी दी गई है।