{"_id":"6a16514fc4065e1e5705a9aa","slug":"report-life-expectancy-rising-in-india-men-in-jammu-kashmir-and-women-in-kerala-living-longest-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Report: भारत में बढ़ रही लोगों की उम्र, जम्मू-कश्मीर के पुरुष और केरल की महिलाएं सबसे ज्यादा जी रहीं जिंदगी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Report: भारत में बढ़ रही लोगों की उम्र, जम्मू-कश्मीर के पुरुष और केरल की महिलाएं सबसे ज्यादा जी रहीं जिंदगी
अजीत खरे,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 27 May 2026 07:35 AM IST
विज्ञापन
India Life Expectancy Report: भारत में लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा बढ़कर 70.6 वर्ष हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुरुष सबसे ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं, जबकि महिलाओं में केरल सबसे आगे है। देश में महिलाओं की औसत उम्र पुरुषों से 4.1 वर्ष ज्यादा पाई गई। छत्तीसगढ़ में जीवन प्रत्याशा सबसे कम रही। रिपोर्ट में शहरी इलाकों के लोगों की औसत उम्र गांवों से अधिक दर्ज की गई है।
महिलाओं की औसत उम्र पुरुषों से ज्यादा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
देश में बेहतर इलाज, टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं का असर अब लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। भारत में लोगों की औसत उम्र लगातार बढ़ रही है। हाल ही में जारी जीवन प्रत्याशा रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में औसत जीवन प्रत्याशा बढ़कर 70.6 वर्ष हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुरुष सबसे ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं, जबकि महिलाओं में केरल सबसे आगे है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में महिलाओं और पुरुषों दोनों की औसत उम्र सबसे कम दर्ज की गई है।
आखिर जीवन प्रत्याशा रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जनगणना महारजिस्ट्रार की वर्ष 2020-24 की रिपोर्ट के अनुसार, 2019-23 की तुलना में देश की औसत जीवन प्रत्याशा 0.3 वर्ष बढ़ी है। इसका मतलब है कि अब भारतीय पहले से ज्यादा लंबे समय तक जीवित रह रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में सबसे ज्यादा औसत जीवन प्रत्याशा केरल में 75.6 वर्ष दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ सबसे नीचे रहा, जहां यह आंकड़ा 64.7 वर्ष रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जीवन स्तर बेहतर होने से यह बदलाव देखने को मिला है।
ये भी पढ़ें- India-Canada Ties: पीयूष गोयल बोले- PM कार्नी के भारत दौरे से रिश्ते का नया अध्याय हुआ शुरू, संबंध होंगे मजबूत
विज्ञापन
किन राज्यों में लोग सबसे ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, जन्म के समय पुरुषों की जीवन प्रत्याशा जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक 73.8 वर्ष रही। महिलाओं के मामले में केरल पहले स्थान पर रहा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और दिल्ली का नंबर आता है। वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश महिलाओं की कम जीवन प्रत्याशा वाले राज्यों में शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं पुरुषों से औसतन 4.1 वर्ष ज्यादा जी रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की औसत उम्र पुरुषों से ज्यादा पाई गई है। हिमाचल प्रदेश में महिला और पुरुष जीवन प्रत्याशा के बीच सबसे ज्यादा 7.1 वर्ष का अंतर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं में कुछ बीमारियों का खतरा कम होने और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता इसका कारण हो सकता है। हालांकि कई राज्यों में महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
शहर और गांव के आंकड़ों में क्या अंतर मिला?
रिपोर्ट में शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच भी बड़ा अंतर देखने को मिला। जन्म के समय और 70 वर्ष की आयु पर शहरों में रहने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा गांवों से ज्यादा है। हालांकि कुछ राज्यों में गांवों के आंकड़े बेहतर पाए गए। केरल और उत्तराखंड में जन्म के समय ग्रामीण इलाकों की जीवन प्रत्याशा शहरों से अधिक रही। वहीं 70 वर्ष की उम्र के बाद उत्तराखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग शहरों की तुलना में ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं।
आगे सरकारों के सामने क्या चुनौती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि औसत उम्र बढ़ना अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ बुजुर्ग आबादी भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं, बुजुर्ग देखभाल और सामाजिक सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना होगा। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि जिन राज्यों में स्वास्थ्य और शिक्षा बेहतर हैं, वहां लोग ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं। इसलिए आने वाले समय में सरकारों के सामने चुनौती होगी कि सभी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को समान रूप से मजबूत बनाया जाए।
आखिर जीवन प्रत्याशा रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जनगणना महारजिस्ट्रार की वर्ष 2020-24 की रिपोर्ट के अनुसार, 2019-23 की तुलना में देश की औसत जीवन प्रत्याशा 0.3 वर्ष बढ़ी है। इसका मतलब है कि अब भारतीय पहले से ज्यादा लंबे समय तक जीवित रह रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में सबसे ज्यादा औसत जीवन प्रत्याशा केरल में 75.6 वर्ष दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ सबसे नीचे रहा, जहां यह आंकड़ा 64.7 वर्ष रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जीवन स्तर बेहतर होने से यह बदलाव देखने को मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- India-Canada Ties: पीयूष गोयल बोले- PM कार्नी के भारत दौरे से रिश्ते का नया अध्याय हुआ शुरू, संबंध होंगे मजबूत
Trending Videos
किन राज्यों में लोग सबसे ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, जन्म के समय पुरुषों की जीवन प्रत्याशा जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक 73.8 वर्ष रही। महिलाओं के मामले में केरल पहले स्थान पर रहा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और दिल्ली का नंबर आता है। वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश महिलाओं की कम जीवन प्रत्याशा वाले राज्यों में शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं पुरुषों से औसतन 4.1 वर्ष ज्यादा जी रही हैं।
राज्य |
खास आंकड़ा |
|---|---|
केरल |
सबसे ज्यादा औसत जीवन प्रत्याशा 75.6 वर्ष |
जम्मू-कश्मीर |
पुरुषों की सबसे ज्यादा जीवन प्रत्याशा 73.8 वर्ष |
छत्तीसगढ़ |
सबसे कम जीवन प्रत्याशा 64.7 वर्ष |
हिमाचल प्रदेश |
महिला-पुरुष जीवन प्रत्याशा में सबसे ज्यादा अंतर |
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की औसत उम्र पुरुषों से ज्यादा पाई गई है। हिमाचल प्रदेश में महिला और पुरुष जीवन प्रत्याशा के बीच सबसे ज्यादा 7.1 वर्ष का अंतर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं में कुछ बीमारियों का खतरा कम होने और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता इसका कारण हो सकता है। हालांकि कई राज्यों में महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
शहर और गांव के आंकड़ों में क्या अंतर मिला?
रिपोर्ट में शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच भी बड़ा अंतर देखने को मिला। जन्म के समय और 70 वर्ष की आयु पर शहरों में रहने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा गांवों से ज्यादा है। हालांकि कुछ राज्यों में गांवों के आंकड़े बेहतर पाए गए। केरल और उत्तराखंड में जन्म के समय ग्रामीण इलाकों की जीवन प्रत्याशा शहरों से अधिक रही। वहीं 70 वर्ष की उम्र के बाद उत्तराखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग शहरों की तुलना में ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं।
आगे सरकारों के सामने क्या चुनौती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि औसत उम्र बढ़ना अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ बुजुर्ग आबादी भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं, बुजुर्ग देखभाल और सामाजिक सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना होगा। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि जिन राज्यों में स्वास्थ्य और शिक्षा बेहतर हैं, वहां लोग ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं। इसलिए आने वाले समय में सरकारों के सामने चुनौती होगी कि सभी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को समान रूप से मजबूत बनाया जाए।