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पश्चिम एशिया संकट: रूबियो-इशाक डार की मुलाकात, शांति के लिए अमेरिका ने पाक के सामने रखी अब्राहम समझौते की शर्त
पीटीआई, वाशिंगटन/ इस्लामाबाद।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 30 May 2026 12:37 AM IST
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की है। अमेरिका ने पश्चिम एशिया शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा है, लेकिन साथ ही अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल से रिश्ते सामान्य करने की शर्त भी रखी है। पाकिस्तान के लिए इस्राइल को मान्यता दिए बिना इस कूटनीतिक संतुलन को साधना एक बड़ी चुनौती होगी।
मार्को रूबियो और इशाक डार
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने में पाकिस्तान एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की है। स्टेट डिपार्टमेंट की इमारत में बंद कमरों के भीतर दोनों नेताओं की लंबी बातचीत हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थता करने वाले देशों से एक बड़ी मांग की है। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान के साथ शांति वार्ता में जुटे देश अब्राहम समझौते में शामिल हों। इसके साथ ही वे इस्राइल के साथ राजनयिक और आर्थिक संबंध स्थापित करें।
शांति प्रयासों की सराहना और सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। रूबियो ने कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की ओर से निभाई जा रही भूमिका के लिए इशाक डार को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि दोनों देश सुरक्षा को बेहतर करने और समृद्धि बढ़ाने के लिए एक सार्थक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि बैठक में सुरक्षा को लेकर भी बात हुई। रूबियो ने पाकिस्तान के क्वेटा में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की ओर से किए गए हालिया आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बीते 24 मई को बलूचिस्तान प्रांत में एक शटल ट्रेन में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 24 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। प्रवक्ता ने कहा कि रूबियो ने ईरान के साथ पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की तारीफ की है।
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यह भी पढ़ें: ईरान ने ठुकराया ट्रंप का अनिवार्य अब्राहम समझौता: क्षेत्रीय शांति पर नया संकट, तेहरान-अमेरिका के बीच बढ़ी तल्खी
राजनयिक संबंधों और शर्तों का उलझा पेच
इस पूरी बातचीत के बीच सबसे बड़ा पेंच इस्राइल को लेकर फंसा हुआ है। पिछले हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए काम कर रहे मध्यस्थों से अब्राहम समझौते से जुड़ने का आग्रह किया था। यह समझौता इस्राइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करता है। हालांकि, पाकिस्तान के लिए यह राह इतनी आसान नहीं है। पश्चिम एशिया संकट में एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरने के बावजूद पाकिस्तान इस्राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। पाकिस्तान के उसके साथ कोई राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।
वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की सक्रियता
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने भी इस बैठक को लेकर एक बयान जारी किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों सहित आपसी हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
इशाक डार चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर न्यूयॉर्क के दौरे के बाद वाशिंगटन पहुंचे थे। वहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में भाग लिया था। यह बहस चीन की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। डार की रूबियो के साथ यह मुलाकात नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से बुलाई गई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के ठीक बाद हुई है। पाकिस्तान पिछले महीने इस्लामाबाद में पहली उच्च स्तरीय वार्ता की मेजबानी भी कर चुका है।
शांति प्रयासों की सराहना और सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। रूबियो ने कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की ओर से निभाई जा रही भूमिका के लिए इशाक डार को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि दोनों देश सुरक्षा को बेहतर करने और समृद्धि बढ़ाने के लिए एक सार्थक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।
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दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि बैठक में सुरक्षा को लेकर भी बात हुई। रूबियो ने पाकिस्तान के क्वेटा में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की ओर से किए गए हालिया आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बीते 24 मई को बलूचिस्तान प्रांत में एक शटल ट्रेन में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 24 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। प्रवक्ता ने कहा कि रूबियो ने ईरान के साथ पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की तारीफ की है।
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राजनयिक संबंधों और शर्तों का उलझा पेच
इस पूरी बातचीत के बीच सबसे बड़ा पेंच इस्राइल को लेकर फंसा हुआ है। पिछले हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए काम कर रहे मध्यस्थों से अब्राहम समझौते से जुड़ने का आग्रह किया था। यह समझौता इस्राइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करता है। हालांकि, पाकिस्तान के लिए यह राह इतनी आसान नहीं है। पश्चिम एशिया संकट में एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरने के बावजूद पाकिस्तान इस्राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। पाकिस्तान के उसके साथ कोई राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।
वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की सक्रियता
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने भी इस बैठक को लेकर एक बयान जारी किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों सहित आपसी हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
इशाक डार चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर न्यूयॉर्क के दौरे के बाद वाशिंगटन पहुंचे थे। वहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में भाग लिया था। यह बहस चीन की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। डार की रूबियो के साथ यह मुलाकात नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से बुलाई गई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के ठीक बाद हुई है। पाकिस्तान पिछले महीने इस्लामाबाद में पहली उच्च स्तरीय वार्ता की मेजबानी भी कर चुका है।