जिले के मेहंदवास थाना क्षेत्र के लवादर गांव में 70 वर्षीय महिला हरबाई गुर्जर की नृशंस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 11 जून को अलग-अलग कट्टों और बोरियों में मिले शव के टुकड़ों से सनसनी फैल गई थी। इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर जेवर लूटने के लिए वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने बताया कि मृतका हरबाई गुर्जर गांव में अकेली रहती थी। वह अक्सर रात के समय पड़ोसियों के यहां ठहर जाती थी। जांच में सामने आया कि गांव की ही रहने वाली 58 वर्षीय रसाल देवी वैष्णव की नजर महिला के जेवरों पर थी।
पुलिस के अनुसार 9 जून को रसाल देवी ने हरबाई गुर्जर को चाय पीने के बहाने अपने घर बुलाया। वहां मौका पाकर उसने कुल्हाड़ी से सिर पर हमला कर महिला की हत्या कर दी। आरोप है कि महिला के हाथों और पैरों में पहने चांदी के जेवर निकालने के लिए आरोपी ने शव के अंगों को भी काट दिया। इसके बाद शव के टुकड़ों को अलग-अलग कट्टों और बोरियों में भरकर गांव के कचरा फेंकने वाले स्थान पर फेंक दिया। 11 जून को शव के टुकड़े मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
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एएसपी, सीओ, थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने लगातार 6 दिन और 5 रात तक जांच की। इस दौरान टोंक, जयपुर, बूंदी समेत अन्य क्षेत्रों में भी पड़ताल की गई। संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया।
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में मेहंदवास थाने के चालक कांस्टेबल शोएब की सूचना महत्वपूर्ण साबित हुई। इसी आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस पूछताछ में रसाल देवी वैष्णव ने हत्या की वारदात कबूल कर ली है। आरोपी ने आर्थिक तंगी और जेवर हासिल करने के लालच में हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और लूटे गए जेवर भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।