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Rishikesh News: अतिक्रमण हटाओ अभियान से भड़के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:17 AM IST
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लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर यमकेश्वर तहसील प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान से नाराज यूकेडी और स्थानीय लोगों ने गरुड़चट्टी अंग्रेजी शराब ठेका परिसर में पौड़ी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ठेका को नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों का प्रदर्शन उग्र होगा।
सोमवार को लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर गरुड़चट्टी में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण कई वर्षों से अपना रोजगार कर रहे थे। प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर उनके रोजगार को ध्वस्त कर दिया। अगर सड़क किनारे हमारी छोटी दुकान, ठेली अतिक्रमण है, तो गरुड़चट्टी में चल रहा अंग्रेजी शराब का ठेका क्या है।
आरोप लगाया कि ठेका संचालक आवंटित से अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया है। जहां पर ठेका संचालक को भूमि आवंटित हुई है वह स्थान गरुड़चट्टी नहीं रत्तापानी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छोटे कारोबारी उजड़े, बड़े ठेकेदार को छूट ये दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। मामला बढ़ता देख एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान और तहसीलदार वैभव जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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ग्रामीणों के अतिक्रमण वाले आरोप की जांच के बाद प्रशासन ने जेसीबी लगाकर शराब ठेका परिसर में बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण को ध्वस्त करने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। ग्रामीण पौड़ी प्रशासन से शराब के ठेका को गरुड़चट्टी से हटाने की मांग पर डटे रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेके की वजह से आए दिन झगड़े, गाली-गलौज और विवाद की स्थिति बनती है। इससे महिलाओं और बच्चों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठेके को गरुड़चट्टी से दूसरी जगह शिफ्ट करने या बंद करने की मांग की।
स्थिति बिगड़ते देख थाना लक्ष्मणझूला पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात कर दी गई। प्रदर्शन करने वालों में सत्यपाल सिंह राणा, ग्राम प्रधान सपना भंडारी, राहुल रावत, संजय सिलस्वाल, सुनीता नेगी, शीतल नेगी, कमला देवी, लता देवी, अनीता देवी, रीना देवी, पूजा देवी, नीलम देवी, अंजू भंडारी आदि शामिल हैं।
सोमवार को लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर गरुड़चट्टी में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण कई वर्षों से अपना रोजगार कर रहे थे। प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर उनके रोजगार को ध्वस्त कर दिया। अगर सड़क किनारे हमारी छोटी दुकान, ठेली अतिक्रमण है, तो गरुड़चट्टी में चल रहा अंग्रेजी शराब का ठेका क्या है।
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आरोप लगाया कि ठेका संचालक आवंटित से अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया है। जहां पर ठेका संचालक को भूमि आवंटित हुई है वह स्थान गरुड़चट्टी नहीं रत्तापानी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छोटे कारोबारी उजड़े, बड़े ठेकेदार को छूट ये दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। मामला बढ़ता देख एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान और तहसीलदार वैभव जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों के अतिक्रमण वाले आरोप की जांच के बाद प्रशासन ने जेसीबी लगाकर शराब ठेका परिसर में बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण को ध्वस्त करने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। ग्रामीण पौड़ी प्रशासन से शराब के ठेका को गरुड़चट्टी से हटाने की मांग पर डटे रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेके की वजह से आए दिन झगड़े, गाली-गलौज और विवाद की स्थिति बनती है। इससे महिलाओं और बच्चों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठेके को गरुड़चट्टी से दूसरी जगह शिफ्ट करने या बंद करने की मांग की।
स्थिति बिगड़ते देख थाना लक्ष्मणझूला पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात कर दी गई। प्रदर्शन करने वालों में सत्यपाल सिंह राणा, ग्राम प्रधान सपना भंडारी, राहुल रावत, संजय सिलस्वाल, सुनीता नेगी, शीतल नेगी, कमला देवी, लता देवी, अनीता देवी, रीना देवी, पूजा देवी, नीलम देवी, अंजू भंडारी आदि शामिल हैं।