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Siddharthnagar News: 10वें दीक्षांत की उल्टी गिनती शुरू, 139 शोधार्थी संभालेंगे व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:32 AM IST
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दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज, 29 जून को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शामिल होंगी कुलाधिपति
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। 139 शोधार्थियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 29 जून को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के शामिल होंगी। वहीं, उनका एक दिन पूर्व 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित माना जा रहा है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में शोधार्थी छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपीं। बैठक में दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और शोधार्थियों को उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के लिए दीक्षांत समारोह उसका सबसे महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण आयोजन होता है। यह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ ही विश्वविद्यालय की पहचान और प्रतिष्ठा से भी जुड़ा होता है। ऐसे में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ करना चाहिए।
विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में विभिन्न विषयों में कुल 139 शोधार्थी पंजीकृत हैं। इन शोधार्थियों को दीक्षांत समारोह के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ शोधार्थी कुलाधिपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आतिथ्य और समन्वय कार्य में लगाए जाएंगे जबकि कुछ को पदक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और उनके साथ आने वाले अभिभावकों की सुविधा और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा शोधार्थियों की टीमें समारोह स्थल पर आने वाले अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी निगरानी भी करेंगी।
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सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन में भी प्रशासनिक अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित करने का दायित्व उन्हें दिया गया है। बैठक में कुलपति ने सभी शोधार्थियों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में रहने तथा समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन की सफलता में शोधार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में 19 जून को एक प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, 20 जून को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी पूरी तरह तैयारियों में जुट जाएंगे। प्रशासन का प्रयास है कि 10वां दीक्षांत समारोह गरिमामय, सुव्यवस्थित और यादगार बने।
- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह 29 जून को प्रस्तावित
- कुलाधिपति के शामिल होने की संभावना, एक दिन पहले 28 जून को आगमन संभव
- कुलपति प्रो. कविता शाह ने शोधार्थियों के साथ बैठक कर जिम्मेदारियां सौंपी
- 139 शोधार्थी दीक्षांत आयोजन, अतिथि सत्कार और व्यवस्थाओं में लगाए गए
- मेधावी छात्रों व अभिभावकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
- 21 जून को सौंपी जाएंगी कार्यक्रम से जुड़ी जिम्मेदारियां
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। 139 शोधार्थियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 29 जून को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के शामिल होंगी। वहीं, उनका एक दिन पूर्व 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित माना जा रहा है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में शोधार्थी छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपीं। बैठक में दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और शोधार्थियों को उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के लिए दीक्षांत समारोह उसका सबसे महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण आयोजन होता है। यह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ ही विश्वविद्यालय की पहचान और प्रतिष्ठा से भी जुड़ा होता है। ऐसे में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ करना चाहिए।
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विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में विभिन्न विषयों में कुल 139 शोधार्थी पंजीकृत हैं। इन शोधार्थियों को दीक्षांत समारोह के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ शोधार्थी कुलाधिपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आतिथ्य और समन्वय कार्य में लगाए जाएंगे जबकि कुछ को पदक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और उनके साथ आने वाले अभिभावकों की सुविधा और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा शोधार्थियों की टीमें समारोह स्थल पर आने वाले अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी निगरानी भी करेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन में भी प्रशासनिक अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित करने का दायित्व उन्हें दिया गया है। बैठक में कुलपति ने सभी शोधार्थियों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में रहने तथा समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन की सफलता में शोधार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में 19 जून को एक प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, 20 जून को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी पूरी तरह तैयारियों में जुट जाएंगे। प्रशासन का प्रयास है कि 10वां दीक्षांत समारोह गरिमामय, सुव्यवस्थित और यादगार बने।
- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह 29 जून को प्रस्तावित
- कुलाधिपति के शामिल होने की संभावना, एक दिन पहले 28 जून को आगमन संभव
- कुलपति प्रो. कविता शाह ने शोधार्थियों के साथ बैठक कर जिम्मेदारियां सौंपी
- 139 शोधार्थी दीक्षांत आयोजन, अतिथि सत्कार और व्यवस्थाओं में लगाए गए
- मेधावी छात्रों व अभिभावकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
- 21 जून को सौंपी जाएंगी कार्यक्रम से जुड़ी जिम्मेदारियां