{"_id":"6a3064b22d497e56f704a262","slug":"two-litigants-climbed-a-tree-in-the-civil-court-complex-causing-a-stir-maharajganj-news-c-7-1-gkp1004-1354943-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सिविल कोर्ट परिसर में पेड़ पर चढ़े दो वादी, हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सिविल कोर्ट परिसर में पेड़ पर चढ़े दो वादी, हड़कंप
विज्ञापन
न्यायालय परिसर में पेड़ पर चढ़े पीड़ित।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। सिविल कोर्ट परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वादी पक्ष के दो लोग पेड़ पर चढ़ गए। दोनों हत्या के 21 साल पुराने मामले में आरोपियों के बरी होने से हताश थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक को तो समझाकर पेड़ से उतार लिया लेकिन दूसरे ने छलांग लगा दी। हालांकि उसे चोट नहीं आई।
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के मौलागंज निवासी कन्हैया पहलवान की 24 जुलाई, 2005 को कोतवाली क्षेत्र में चेहरी स्थित बलिया पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कन्हैया के पिता रामअवध यादव की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान सात में से 4 आरोपियों की मौत हो गई। न्यायालय ने साक्ष्यों, गवाहों का परीक्षण कर सोमवार को बाकी तीन आरोपियों को निर्दोष होने का फैसला सुनाया।
विज्ञापन
इससे हताश कन्हैया के भाई लक्ष्मण यादव तथा पुत्र टूटू यादव ने न्यायालय परिसर में एक पीपल के पेड़ पर चढ़ गए। इससे मौके पर मौजूद परिजन, अधिवक्ताओं व मुवक्किलों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर तहसीलदार पंकज शाही, नायब तहसीलदार देशदीपक त्रिपाठी पुलिस बल व क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को समझाना शुरू किया। अधिवक्ताओं की ओर से न्यायिक निर्णय के विरुद्ध अपील के विकल्प को समझाने पर एक घंटे बाद टूटू यादव पेड़ से उतर गया लेकिन लक्ष्मण पेड़ पर ही जमा रहा। इसबीच जब क्रेन उसकी तरफ बढ़ा तो लक्ष्मण ने पेड़ से छलांग लगा दी। गनीमत रही कि उसे कोई चोट नहीं पहुंची।
इस संंबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि कोर्ट परिसर में हंगामा करने वालों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के मौलागंज निवासी कन्हैया पहलवान की 24 जुलाई, 2005 को कोतवाली क्षेत्र में चेहरी स्थित बलिया पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कन्हैया के पिता रामअवध यादव की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान सात में से 4 आरोपियों की मौत हो गई। न्यायालय ने साक्ष्यों, गवाहों का परीक्षण कर सोमवार को बाकी तीन आरोपियों को निर्दोष होने का फैसला सुनाया।
इससे हताश कन्हैया के भाई लक्ष्मण यादव तथा पुत्र टूटू यादव ने न्यायालय परिसर में एक पीपल के पेड़ पर चढ़ गए। इससे मौके पर मौजूद परिजन, अधिवक्ताओं व मुवक्किलों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर तहसीलदार पंकज शाही, नायब तहसीलदार देशदीपक त्रिपाठी पुलिस बल व क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को समझाना शुरू किया। अधिवक्ताओं की ओर से न्यायिक निर्णय के विरुद्ध अपील के विकल्प को समझाने पर एक घंटे बाद टूटू यादव पेड़ से उतर गया लेकिन लक्ष्मण पेड़ पर ही जमा रहा। इसबीच जब क्रेन उसकी तरफ बढ़ा तो लक्ष्मण ने पेड़ से छलांग लगा दी। गनीमत रही कि उसे कोई चोट नहीं पहुंची।
इस संंबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि कोर्ट परिसर में हंगामा करने वालों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया है।