{"_id":"6a21c975c14bd2a6bd0fee55","slug":"10-out-of-17-hotels-lack-complete-fire-safety-standards-and-nocs-no-safety-arrangements-implemented-even-after-notices-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-153680-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: 17 में से 10 होटलों के पास अग्निशमन मानक अधूरे, एनओसी भी नहीं, नोटिस के बाद भी सुरक्षा इंतजाम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: 17 में से 10 होटलों के पास अग्निशमन मानक अधूरे, एनओसी भी नहीं, नोटिस के बाद भी सुरक्षा इंतजाम नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और मैरिज लॉन में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। अग्निशमन विभाग की जांच में करीब 17 प्रतिष्ठानों में से 10 ऐसे मिले हैं, जहां अग्निशमन मानक अधूरे हैं और विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं है। कई प्रतिष्ठानों को पूर्व में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद आवश्यक सुधार नहीं किए गए हैं।
दिल्ली में हाल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख होटल, रेस्टोरेंट, शोरूम, अस्पताल और मैरिज लॉन का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त मिली, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा इंतजाम मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार दिसंबर 2025 में भी संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर अब तक अपेक्षित सुधार नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
जिले में पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं
जनपद में बीते वर्षों के दौरान बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शॉर्ट सर्किट के कारण दुकानों में आग लगने से लाखों रुपये की क्षति हुई थी। वहीं खेतों और खलिहानों में लगी आग से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। कुछ माह पूर्व एक निजी प्रतिष्ठान में लगी आग के दौरान दमकल कर्मियों को संकरे रास्तों और सुरक्षा संसाधनों के अभाव में राहत कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
इन व्यवस्थाओं की हो रही जांच
अग्निशमन विभाग की टीम प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पानी की उपलब्धता, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत वायरिंग और कर्मचारियों को दिए गए प्रशिक्षण की जांच कर रही है।
जिन प्रतिष्ठानों में अग्निशमन मानकों की कमी पाई जा रही है, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-- भारतेंदु जोशी,मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
-- -- -- -- -- -- --
दिल्ली में हाल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख होटल, रेस्टोरेंट, शोरूम, अस्पताल और मैरिज लॉन का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त मिली, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा इंतजाम मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार दिसंबर 2025 में भी संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर अब तक अपेक्षित सुधार नहीं किए गए हैं।
Trending Videos
जिले में पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं
जनपद में बीते वर्षों के दौरान बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शॉर्ट सर्किट के कारण दुकानों में आग लगने से लाखों रुपये की क्षति हुई थी। वहीं खेतों और खलिहानों में लगी आग से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। कुछ माह पूर्व एक निजी प्रतिष्ठान में लगी आग के दौरान दमकल कर्मियों को संकरे रास्तों और सुरक्षा संसाधनों के अभाव में राहत कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
इन व्यवस्थाओं की हो रही जांच
अग्निशमन विभाग की टीम प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पानी की उपलब्धता, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत वायरिंग और कर्मचारियों को दिए गए प्रशिक्षण की जांच कर रही है।
जिन प्रतिष्ठानों में अग्निशमन मानकों की कमी पाई जा रही है, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।