{"_id":"6a337897b9acd6d11506a944","slug":"silver-zardozi-and-brush-industries-set-for-odop-recognition-in-agra-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: आगरा के फुटवियर और पेठा के बाद अब ब्रश, चांदी और जरदोजी की बारी; ओडीओपी में शामिल करने का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: आगरा के फुटवियर और पेठा के बाद अब ब्रश, चांदी और जरदोजी की बारी; ओडीओपी में शामिल करने का प्रस्ताव
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:18 AM IST
विज्ञापन
आगरा के चांदी, जरदोजी और ब्रश उद्योग को एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर आगरा प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन सकता है, जिसके छह उत्पाद ओडीओपी सूची में शामिल होंगे।
चांदी की बनी पायल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
ताजमहल की सरजमीं के तीन नए हुनर को अब वैश्विक फलक पर नई उड़ान मिलने वाली है। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत चांदी की पायलें, जरदोजी कला और ब्रश उद्योग को शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। उद्योग विभाग ने इसका औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
इन तीन उत्पादों के शामिल होने के साथ ही आगरा प्रदेश का ऐसा पहला जिला बनने की ओर अग्रसर है, जिसके छह उत्पाद ओडीओपी सूची में शामिल होंगे। इससे पहले चमड़े के फुटवियर, पेठा और मार्बल पच्चीकारी को पहले ही यह गौरव हासिल है।
ये भी पढ़ें - तस्वीरें: आगरा-ग्वालियर हाईवे की सबसे बड़ी खामी, जिसकी वजह से हुआ भयानक हादसा; महिला सहित तीन की जानें
विज्ञापन
ओडीओसी में जुड़ेंगे नए स्वाद, पेठा डबल स्टार
एक तरफ जहां ओडीओपी में नए हुनर जुड़ रहे हैं, वहीं एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में भी आगरा के स्वाद का दायरा बढ़ाया जा रहा है। आगरा का मशहूर पेठा इकलौता ऐसा उत्पाद होगा जो ओडीओपी और ओडीओसी दोनों सूचियों की शोभा बढ़ाएगा। वर्तमान में ओडीओसी में पेठा, गजक और पराठा शामिल हैं, जिसमें अब दालमोठ के साथ नमकीन और प्रसिद्ध बेड़ई-जलेबी को भी शामिल करने की तैयारी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही इन उद्योगों को आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक्सपो के जरिये नई पहचान मिलेगी।
मिलेगा प्रोत्साहन, होगी ब्रांडिंग
ओडीओपी और ओडीओसी में शामिल उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए सरकार विशेष अनुदान और नई इकाइयां लगाने के लिए आसान ऋण देगी। इन उत्पादों की वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नए बाजार और रोजगार के सुलभ अवसर मिलेंगे।- शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त
ये भी पढ़ें - UP: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चालक की एक गलती से खतरे में पड़ गईं पांच जिंदगियां, भयानक हुआ हादसा
लाखों लोगों की जुड़ी है आजीविका
फुटवियर उद्योग : आगरा देश के कुल चमड़े के जूतों के घरेलू उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत और कुल फुटवियर निर्यात में 28 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखता है। इससे करीब 4 लाख लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
पेठा उद्योग : शहर में पेठे की लगभग 1,500 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं, जहां रोजाना करीब 700 से 800 टन पेठे का उत्पादन होता है।
चांदी उद्योग : आगरा का चौबेजी का फाटक इलाका चांदी के कारोबार का बड़ा गढ़ है। यहां रोजाना कई टन चांदी की पायल और घुंघरू तैयार होते हैं, जो देश के 80 प्रतिशत बाजारों में सप्लाई होते हैं।
इन तीन उत्पादों के शामिल होने के साथ ही आगरा प्रदेश का ऐसा पहला जिला बनने की ओर अग्रसर है, जिसके छह उत्पाद ओडीओपी सूची में शामिल होंगे। इससे पहले चमड़े के फुटवियर, पेठा और मार्बल पच्चीकारी को पहले ही यह गौरव हासिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - तस्वीरें: आगरा-ग्वालियर हाईवे की सबसे बड़ी खामी, जिसकी वजह से हुआ भयानक हादसा; महिला सहित तीन की जानें
ओडीओसी में जुड़ेंगे नए स्वाद, पेठा डबल स्टार
एक तरफ जहां ओडीओपी में नए हुनर जुड़ रहे हैं, वहीं एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में भी आगरा के स्वाद का दायरा बढ़ाया जा रहा है। आगरा का मशहूर पेठा इकलौता ऐसा उत्पाद होगा जो ओडीओपी और ओडीओसी दोनों सूचियों की शोभा बढ़ाएगा। वर्तमान में ओडीओसी में पेठा, गजक और पराठा शामिल हैं, जिसमें अब दालमोठ के साथ नमकीन और प्रसिद्ध बेड़ई-जलेबी को भी शामिल करने की तैयारी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही इन उद्योगों को आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक्सपो के जरिये नई पहचान मिलेगी।
मिलेगा प्रोत्साहन, होगी ब्रांडिंग
ओडीओपी और ओडीओसी में शामिल उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए सरकार विशेष अनुदान और नई इकाइयां लगाने के लिए आसान ऋण देगी। इन उत्पादों की वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नए बाजार और रोजगार के सुलभ अवसर मिलेंगे।- शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त
ये भी पढ़ें - UP: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चालक की एक गलती से खतरे में पड़ गईं पांच जिंदगियां, भयानक हुआ हादसा
लाखों लोगों की जुड़ी है आजीविका
फुटवियर उद्योग : आगरा देश के कुल चमड़े के जूतों के घरेलू उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत और कुल फुटवियर निर्यात में 28 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखता है। इससे करीब 4 लाख लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
पेठा उद्योग : शहर में पेठे की लगभग 1,500 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं, जहां रोजाना करीब 700 से 800 टन पेठे का उत्पादन होता है।
चांदी उद्योग : आगरा का चौबेजी का फाटक इलाका चांदी के कारोबार का बड़ा गढ़ है। यहां रोजाना कई टन चांदी की पायल और घुंघरू तैयार होते हैं, जो देश के 80 प्रतिशत बाजारों में सप्लाई होते हैं।