{"_id":"6a14b3d79d876103bf02adde","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-289-1-sjam1009-112681-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए जागरूक कर रहे कुलदीप कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए जागरूक कर रहे कुलदीप कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 26 May 2026 02:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सांबा। जिले के राजपुरा कस्बे के किसान कुलदीप कुमार खेती में नई पहल करते हुए आर्गेनिक पेस्टिसाइड तैयार कर अपनी सब्जियों और फसलों में इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं वे अन्य किसानों को भी इसकी सप्लाई कर उन्हें जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कुलदीप का कहना है कि रासायनिक दवाइयों के लगातार इस्तेमाल से जमीन की उर्वरता प्रभावित होती है और फसलों की गुणवत्ता भी कम होती है। ऐसे में आर्गेनिक पेस्टिसाइड खेती के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जैविक तरीके से तैयार किए गए इस पेस्टिसाइड के इस्तेमाल से सब्जियों और फसलों की पैदावार अच्छी हो रही है, पौधों की मजबूती बढ़ रही है और रोगों से भी बचाव हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वह सात ड्रम पेस्टीसाइड तैयार कर रहे हैं। वह अन्य किसानों को जागरूक करते हुए कह रहे हैं कि यदि किसान आर्गेनिक खेती की ओर बढ़ेंगे तो उन्हें बाजार में उनकी फसलों और सब्जियों का बेहतर दाम मिलेगा। आजकल लोग जैविक उत्पादों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
स्थानीय किसानों ने भी कुलदीप की इस पहल की सराहना की है और इसे खेती के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया है। एक सीजन की सब्जी से वह चालीस हजार की कमाई भी कर लेते हैं।
आर्गेनिक खेती के लिए सहायता दे सरकार
सांबा जिले के किसानों ने सरकार से मांग उठाई है कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जो किसान आर्गेनिक पेस्टिसाइड और जैविक खेती की दिशा में काम कर रहे हैं उन्हें सरकार की ओर से विशेष सुविधाएं दी जानी चाहिए।
किसान शिव राम, नरेश, गणेश शर्मा ने मांग की कि ऐसे किसानों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और जैविक खेती से जुड़े संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। इससे अधिक से अधिक किसान इस ओर आकर्षित हो सकेंगे।
इसके अलावा किसानों ने सरकार से यह भी मांग की कि आर्गेनिक सब्जियों और फसलों के लिए अलग से अच्छी मार्केट उपलब्ध करवाई जाए। मंडियों में उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए। किसानों का कहना है कि यदि जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार और अच्छा भाव मिलेगा तो किसान रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
किसानों के अनुसार आर्गेनिक खेती न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है बल्कि इससे भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
कोट
हम किसानों को ऑर्गेनिक पेस्टीसाइड के लिए प्रशिक्षण देते हैं। इस में नीम के पत्ते, दरेंक, पंजफुली, कड़ी पत्ता, पुदीना, गुड़ व गाय मूत्र का इस्तेमाल किया जाता है। हमारा विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिला रहा है ताकि किसान हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।
-डाॅ. संजय खजूरिया, मुख्य वैज्ञानिक, केवीके सांबा
कुलदीप का कहना है कि रासायनिक दवाइयों के लगातार इस्तेमाल से जमीन की उर्वरता प्रभावित होती है और फसलों की गुणवत्ता भी कम होती है। ऐसे में आर्गेनिक पेस्टिसाइड खेती के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जैविक तरीके से तैयार किए गए इस पेस्टिसाइड के इस्तेमाल से सब्जियों और फसलों की पैदावार अच्छी हो रही है, पौधों की मजबूती बढ़ रही है और रोगों से भी बचाव हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वह सात ड्रम पेस्टीसाइड तैयार कर रहे हैं। वह अन्य किसानों को जागरूक करते हुए कह रहे हैं कि यदि किसान आर्गेनिक खेती की ओर बढ़ेंगे तो उन्हें बाजार में उनकी फसलों और सब्जियों का बेहतर दाम मिलेगा। आजकल लोग जैविक उत्पादों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
Trending Videos
स्थानीय किसानों ने भी कुलदीप की इस पहल की सराहना की है और इसे खेती के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया है। एक सीजन की सब्जी से वह चालीस हजार की कमाई भी कर लेते हैं।
आर्गेनिक खेती के लिए सहायता दे सरकार
सांबा जिले के किसानों ने सरकार से मांग उठाई है कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जो किसान आर्गेनिक पेस्टिसाइड और जैविक खेती की दिशा में काम कर रहे हैं उन्हें सरकार की ओर से विशेष सुविधाएं दी जानी चाहिए।
किसान शिव राम, नरेश, गणेश शर्मा ने मांग की कि ऐसे किसानों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और जैविक खेती से जुड़े संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। इससे अधिक से अधिक किसान इस ओर आकर्षित हो सकेंगे।
इसके अलावा किसानों ने सरकार से यह भी मांग की कि आर्गेनिक सब्जियों और फसलों के लिए अलग से अच्छी मार्केट उपलब्ध करवाई जाए। मंडियों में उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए। किसानों का कहना है कि यदि जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार और अच्छा भाव मिलेगा तो किसान रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
किसानों के अनुसार आर्गेनिक खेती न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है बल्कि इससे भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
कोट
हम किसानों को ऑर्गेनिक पेस्टीसाइड के लिए प्रशिक्षण देते हैं। इस में नीम के पत्ते, दरेंक, पंजफुली, कड़ी पत्ता, पुदीना, गुड़ व गाय मूत्र का इस्तेमाल किया जाता है। हमारा विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिला रहा है ताकि किसान हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।
-डाॅ. संजय खजूरिया, मुख्य वैज्ञानिक, केवीके सांबा