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Bengal: हत्या केस में फरार पूर्व BDO शराब पीकर चला रहा था कार, हादसे के बाद पकड़ा गया; कोर्ट से जमानत भी मिली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 27 May 2026 03:26 AM IST
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पश्चिम बंगाल के एक पूर्व बीडीओ को शराब पीकर गाड़ी चलाने और सड़क हादसा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि वह पहले से एक कारोबारी की हत्या के मामले में फरार आरोपी हैं। पुलिस ने उसे मौके से पकड़ा, लेकिन बारासात कोर्ट ने जरूरी दस्तावेज पेश नहीं होने के कारण उसे एक हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी।
पुलिस से बदसलूकी और टेस्ट से इनकार पड़ा भारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में कई महीनों से फरार चल रहे पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लेकिन उनकी गिरफ्तारी किसी बड़े छापे में नहीं, बल्कि कथित शराब पीकर गाड़ी चलाने और सड़क हादसा करने के बाद हुई। न्यू टाउन इलाके में तेज और लापरवाही से कार चलाने के दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार व्यक्ति वही प्रशांत बर्मन हैं, जो पहले से एक कारोबारी की हत्या के मामले में आरोपी हैं।
कैसे हुआ पूर्व बीडीओ का खुलासा?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात न्यू टाउन के इको पार्क थाना क्षेत्र में एक कार ने सड़क किनारे चल रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसा सिटी सेंटर-2 के पास मंदिर जाने वाली सड़क पर हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार चालक शराब के नशे में लग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की और ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराने से भी इनकार कर दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान पूर्व राजगंज बीडीओ प्रशांत बर्मन के रूप में हुई।
हत्या केस में क्यों फरार था प्रशांत बर्मन?
हादसे के बाद क्या करने की कोशिश की?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद प्रशांत बर्मन मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों और पुलिस की सतर्कता के कारण वह भाग नहीं सके। पुलिस ने उसे वहीं रोक लिया और इको पार्क थाने ले जाया गया। मेडिकल जांच और शुरुआती पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण वह कार पर नियंत्रण खो बैठे थे, जिससे यह हादसा हुआ।
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कोर्ट से आखिर कैसे मिली जमानत?
गिरफ्तारी के बाद प्रशांत बर्मन को बारासात कोर्ट में पेश किया गया। यहां अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। लेकिन सोना कारोबारी हत्या मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज समय पर कोर्ट नहीं पहुंच सके। साथ ही जांच अधिकारी भी अदालत में मौजूद नहीं थे। इसी वजह से अदालत ने बर्मन को एक हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि हत्या जैसे गंभीर केस का आरोपी इतनी आसानी से जमानत पर कैसे बाहर आ गया।
हालांकि प्रशांत बर्मन को फिलहाल जमानत मिल गई है, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। हत्या मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। शराब पीकर गाड़ी चलाने, सड़क हादसा करने और पुलिस से सहयोग नहीं करने जैसे आरोप भी अब उनके खिलाफ जुड़ गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में और सख्त कदम उठा सकती हैं।
कैसे हुआ पूर्व बीडीओ का खुलासा?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात न्यू टाउन के इको पार्क थाना क्षेत्र में एक कार ने सड़क किनारे चल रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसा सिटी सेंटर-2 के पास मंदिर जाने वाली सड़क पर हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार चालक शराब के नशे में लग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की और ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराने से भी इनकार कर दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान पूर्व राजगंज बीडीओ प्रशांत बर्मन के रूप में हुई।
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हत्या केस में क्यों फरार था प्रशांत बर्मन?
- प्रशांत बर्मन पर एक सोना कारोबारी के अपहरण और हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है।
- यह मामला साल 2025 का बताया जा रहा है, जिसकी जांच विधाननगर पुलिस का डिटेक्टिव डिपार्टमेंट कर रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में बर्मन को सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
- इसके बाद जनवरी में पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज बीडीओ पद से हटा दिया था।
- इसके बावजूद वह कई महीनों से फरार चल रहा था और पुलिस उसे तलाश रही थी।
हादसे के बाद क्या करने की कोशिश की?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद प्रशांत बर्मन मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों और पुलिस की सतर्कता के कारण वह भाग नहीं सके। पुलिस ने उसे वहीं रोक लिया और इको पार्क थाने ले जाया गया। मेडिकल जांच और शुरुआती पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण वह कार पर नियंत्रण खो बैठे थे, जिससे यह हादसा हुआ।
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कोर्ट से आखिर कैसे मिली जमानत?
गिरफ्तारी के बाद प्रशांत बर्मन को बारासात कोर्ट में पेश किया गया। यहां अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। लेकिन सोना कारोबारी हत्या मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज समय पर कोर्ट नहीं पहुंच सके। साथ ही जांच अधिकारी भी अदालत में मौजूद नहीं थे। इसी वजह से अदालत ने बर्मन को एक हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि हत्या जैसे गंभीर केस का आरोपी इतनी आसानी से जमानत पर कैसे बाहर आ गया।
हालांकि प्रशांत बर्मन को फिलहाल जमानत मिल गई है, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। हत्या मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। शराब पीकर गाड़ी चलाने, सड़क हादसा करने और पुलिस से सहयोग नहीं करने जैसे आरोप भी अब उनके खिलाफ जुड़ गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में और सख्त कदम उठा सकती हैं।