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मनुष्य और प्रकृति के बीच योग सामंजस्य बनाता है : ब्रिज किशोर
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 26 May 2026 05:27 PM IST
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सैनिक स्कूल में योग करते विद्यार्थी। स्रोत : स्कूल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंड। गोठड़ा अहीर स्थित सैनिक स्कूल में 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का अभ्यास सत्र कार्यक्रम निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार थीम स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग के आधार पर हुआ।
सभी योग प्रशिक्षुओं ने एपीटीसी प्रशिक्षक हवलदार रमन थापा, काउंसलर ज्योतिबाला व पीटीआई नचिता के निर्देशों का अनुसरण करते हुए योगाभ्यास किया। कैडेट्स ने भी योग, प्राणायाम, ध्यान के महत्व को आत्मसात करते हुए थीम आधारित भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया व संदेश देने वाले पोस्टर भी तैयार किए।
इसके साथ ही कक्षावार घोषित विद्यालय परीक्षा परिणाम 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कैडेट्स को प्रमाण पत्र व पुस्तकें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य कैप्टन (भारतीय नौसेना) ब्रिज किशोर ने कहा कि योग शरीर और मन, विचार और कर्म की एकात्मकता और मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।
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योग का नियमित अभ्यास स्व अनुशासन एवं कल्याण की भावना विकसित करता है। यह मनुष्य को कई रोगों से तो मुक्त रखता ही है। साथ ही उनमें बेहतर सोच एवं सकारात्मक ऊर्जा भी उत्पन्न करता है। योग से शारीरिक व मानसिक संतुलन बना रहता है और मनोबल में वृद्धि होती है।
योग भारतीय जीवन पद्धति का प्राणतत्व है। यह मात्र शारीरिक क्रिया ही नहीं है बल्कि यह मनुष्य को मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक विचारों पर नियंत्रण करने के योग्य बनाता है।
कुंड। गोठड़ा अहीर स्थित सैनिक स्कूल में 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का अभ्यास सत्र कार्यक्रम निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार थीम स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग के आधार पर हुआ।
सभी योग प्रशिक्षुओं ने एपीटीसी प्रशिक्षक हवलदार रमन थापा, काउंसलर ज्योतिबाला व पीटीआई नचिता के निर्देशों का अनुसरण करते हुए योगाभ्यास किया। कैडेट्स ने भी योग, प्राणायाम, ध्यान के महत्व को आत्मसात करते हुए थीम आधारित भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया व संदेश देने वाले पोस्टर भी तैयार किए।
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इसके साथ ही कक्षावार घोषित विद्यालय परीक्षा परिणाम 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कैडेट्स को प्रमाण पत्र व पुस्तकें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य कैप्टन (भारतीय नौसेना) ब्रिज किशोर ने कहा कि योग शरीर और मन, विचार और कर्म की एकात्मकता और मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।
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योग भारतीय जीवन पद्धति का प्राणतत्व है। यह मात्र शारीरिक क्रिया ही नहीं है बल्कि यह मनुष्य को मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक विचारों पर नियंत्रण करने के योग्य बनाता है।