Delhi: दवा-चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ की अनियमितता, 35 डॉक्टरों से पूछताछ, जुड़ी कड़ियां
दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है।
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दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) पिछले दो सप्ताह में 35 डॉक्टरों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और बयानों के आधार पर संदिग्ध भूमिका वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि मामले में कई अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों से पूछताछ अभी बाकी है।
यह मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर 4 जून को दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। जांच में आरोप है कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, चादरों, एक्स-रे मशीनों और एनेस्थीसिया से जुड़े उपकरणों की खरीद में गंभीर अनियमितताएं हुईं। कई वस्तुओं की खरीद बाजार दरों से अधिक कीमत पर किए जाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. वत्सला अग्रवाल, तत्कालीन हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा सहित करीब 40 डॉक्टरों और कर्मचारियों का पहले ही तबादला किया जा चुका है। एसीबी मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों की एजेंसी जांच कर
रही है।