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Delhi: प्रमाणपत्रों को बनवाने में आधार की बाध्यता खत्म, जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र बनवाना होगा आसान

आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 16 Jun 2026 04:28 AM IST
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सार
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दिल्ली में जाति, आय, निवास और अन्य जरूरी सरकारी प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान होने जा रही है। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने केंद्र सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नए आदेश को लागू कर दिया है।  

Aadhaar requirement for obtaining certificates removed getting caste income and residence certificates will be
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

दिल्ली में जाति, आय, निवास और अन्य जरूरी सरकारी प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान होने जा रही है। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने केंद्र सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नए आदेश को लागू कर दिया है। किए गए बदलाव से प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में आधार से जुड़ी कई कानूनी जटिलताएं खत्म हो जाएंगी। दरअसल, वर्ष 2022 में एक नियम लागू किया गया था, जिसके तहत सरकार की ओर से कम शुल्क पर जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों को एक तरह की सरकारी सहायता या सब्सिडी माना गया था। 



इसके कारण आधार अधिनियम की धारा-7 के प्रावधान इन सेवाओं पर लागू हो गए थे और कई मामलों में आधार आधारित सत्यापन जरूरी हो गया था। इस व्यवस्था के चलते उन लोगों को परेशानी होती थी जिनके आधार में नाम, पता या अन्य विवरणों में त्रुटि होती थी। कई बार बायोमेट्रिक सत्यापन विफल होने, अंगूठे के निशान मेल न खाने या सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण प्रमाणपत्र जारी होने में देरी होती थी।
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अब क्या बदला है
यूआईडीएआई ने 14 मई को जारी आदेश में वर्ष 2022 के उस प्रावधान को वापस ले लिया है, जिसमें प्रमाणपत्र जारी करने को सब्सिडी की श्रेणी में रखा गया था। अब सरकार इन प्रमाणपत्रों को वित्तीय लाभ या सरकारी सहायता नहीं मानेगी। इसका सीधा असर यह होगा कि आधार अधिनियम की धारा-7 के कड़े प्रावधान इन सेवाओं पर लागू नहीं होंगे।
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दिल्ली में किसे मिलेगा लाभ
दिल्ली सरकार ने यह आदेश एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) और सभी सरकारी विभागों को भेज दिया है। अब इन संस्थाओं में प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों को आधार आधारित सत्यापन की बाधाओं का सामना कम करना पड़ेगा।

...तो आवेदन नहीं होगा खारिज
इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों, छात्रों और उन लोगों को मिलेगा जिन्हें विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्तियों, प्रवेश प्रक्रियाओं या अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार प्रमाणपत्र बनवाने पड़ते हैं। अब यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नहीं है या उसका बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, तो केवल इसी आधार पर उसका आवेदन खारिज नहीं किया जा सकेगा।

विकासपुरी में खुला आधार सेवा केंद्र, पश्चिमी दिल्ली के लोगों को मिली बड़ी राहत
पश्चिमी दिल्ली के लोगों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए अब दूर-दराज के केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विकासपुरी में सोमवार को नए आधार सेवा केंद्र (एएसके) का उद्घाटन किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, परिवहन एवं आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।  नए केंद्र के शुरू होने से विकासपुरी सहित पश्चिमी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के हजारों नागरिकों को आधार नामांकन, पता परिवर्तन, अन्य विवरणों के संशोधन और बायोमेट्रिक अपडेट जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। 

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