राजस्थान के बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है। सेना, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित अन्य टीमें लोगों बाहर निकालने में जुटी हुईं है। अब तक करीब 4 हजार 302 लोगों को रेस्क्यू किया है। बाढ़ प्रभावित जिलों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए कोटा में सेना का हेलिकॉप्टर भी तैनात है।
अधिकारियों की जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी वर्षा होने के कारण चंबल, कालीसिंध, परवन, पार्वती, मैज नदियां और राणाप्रताप सागर, कालीसिंध, कोटा बैराज, जवाहर सागर, पार्वती, गुढ़ा डेम और बांधों में अत्यधिक पानी आने के कारण इनके गेट खोलने पड़े। जिससे प्रदेश के कोटा, बूंदी, बारां, करौली, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और धौलपुर जिले में बाढ़ हालात बने हैं।
इन जिलों के बाढ़ग्रस्त इलाकें में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए बचाव कार्य जारी है। झालावाड़ में अब तक 751 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। जिले में एसडीआरएफ की 3, एनडीआरएफ की एक, सेना बचाव दल और नागरिक सुरक्षा की टीमें तैनात हैं। कोटा में 1286 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है। यहां एनडीआरएफ की 2, एसडीआरएफ की 4 और सेना की एक टीम तैनात है। धौलपुर में 1460 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। यहां सेना का एक कॉलम और एसडीआरएफ की 4 टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं। इसी तरह बारां में 708, बूंदी में 15 और करौली में 82 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
बारां जिले छबड़ा तहसील के खुरई गांव से 13 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है। उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आदेश पर फसलों, मकानों में हुए नुकसान सहित आदि का सर्वे कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।