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यूपी: एफपीओ भी करेंगे धान खरीद, संशोधित नीति का आदेश जारी, डीएम व खाद्य आयुक्त देंगे अनुमति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 09 Oct 2021 06:02 PM IST

सार

यूपी में अब लघु व सीमांत किसानों के धान एफपीओ व एफपीसी खरीद सकेंगे। जिसमें एक जिले के लिए डीएम और अधिक के लिए खाद्य आयुक्त अनुमति देंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत धान खरीद की जिम्मेदारी समूह में खेती करने वाले कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीसी) व कृषक उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) को भी देने का फैसला किया है। इससे लघु व सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

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प्रदेश में समूह में खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए गत वर्ष कोविड महामारी के मुश्किल दौर में पहली बार एफपीओ व एपीसी को भी धान खरीद की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, इस बार की धान खरीद नीति से इन्हें बाहर कर दिया गया। इससे छोटे व मझोले  किसानों में काफी नाराजगी थी।

'अमर उजाला' ने 19 सितंबर के अंक में किसानों को धान खरीद व्यवस्था से बाहर करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया और सरकार ने धान खरीद नीति में एफपीओ व एफपीसी को शामिल करने का फैसला किया।
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शासन के खाद्य एवं रसद विभाग के उप सचिव अशोक कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को धान क्रय नीति में एफपीओ व एफपीसी को शामिल करने संबंधी संशोधित दिशा निर्देश जारी कर दिया है। नीति में स्पष्ट किया गया है कि सोसाइटी एक्ट में पंजीकृत एफपीओ व रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से पंजीकृत एफपीसी मंडी समिति, कृषि विभाग व खाद्य विभाग से संबद्ध होकर धान खरीद कर सकेंगे। एफपीओ यदि किसी एक जिले में खरीद करना चाहते हैं तो उनकी नियुक्ति संबंधित क्रय एजेंसी की संस्तुति पर डीएम करेंगे जबकि एक से अधिक जिले की स्थिति में आयुक्त खाद्य रसद करेंगे।

ये हैं प्रमुख शर्तें

- एफपीओ लघु व सीमांत किसानों से जिले की उत्पादकता के आधार पर धान की खरीद करेंगे। किसानों का तेजी से भुगतान करेंगे।
- तय शर्तें पूरी करने पर केंद्र सरकार की कास्टशीट के अनुसार इन्हें कमीशन भी मिलेगा।
- धान खरीद के लिए लैपटाप, प्रिंटर, इंटरनेट, इलेक्ट्रानिक कांआ, पॉवर डस्टर, नमीमापक यंत्र व भंडारण की स्वयं व्यवस्था करेंगे।
- वे एफपीओ व एपीसी ही धान खरीदने के पात्र होंगे जिनके बाइलाज में खाद्यान्न की खरीद-बिक्री का कारोबार करने का उल्लेख हो। उनकी साख व आर्थिक स्थिति अच्छी हो।
- सरकार को क्षति पहुंचाने वाले ऐसे एफपीओ व एफपीसी भी धान खरीद नहीं कर पाएंगे जिनके अध्यक्ष, निदेशक, सचिव व सदस्यों के विरुद्ध कोई  एफआईआर है या ब्लैक लिस्टेड अथवा डिबार हैं।

...लेकिन क्रय केंद्र के लिए चाहिए 50 लाख की पूंजी
शासन ने किसानों के धान की कीमत का समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए 50 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी की शर्त जोड़ दी है। धान खरीद के इच्छुक एफपीओ को खाते के विवरण सहित खाद्य विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। पिछले वर्षों में इस तरह की शर्त नहीं थी। हालांकि किसान इससे संतुष्टï नहीं हैं। किसानों का कहना है कि अफसर नहीं चाहते हैं कि एफपीओ काम कर सकें। ५० लाख रुपये बहुत ज्यादा है। इस तरह की शर्त से ज्यादातर एफपीओ बाहर हो जाएंगे।
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