- एफपीओ लघु व सीमांत किसानों से जिले की उत्पादकता के आधार पर धान की खरीद करेंगे। किसानों का तेजी से भुगतान करेंगे।
- तय शर्तें पूरी करने पर केंद्र सरकार की कास्टशीट के अनुसार इन्हें कमीशन भी मिलेगा।
- धान खरीद के लिए लैपटाप, प्रिंटर, इंटरनेट, इलेक्ट्रानिक कांआ, पॉवर डस्टर, नमीमापक यंत्र व भंडारण की स्वयं व्यवस्था करेंगे।
- वे एफपीओ व एपीसी ही धान खरीदने के पात्र होंगे जिनके बाइलाज में खाद्यान्न की खरीद-बिक्री का कारोबार करने का उल्लेख हो। उनकी साख व आर्थिक स्थिति अच्छी हो।
- सरकार को क्षति पहुंचाने वाले ऐसे एफपीओ व एफपीसी भी धान खरीद नहीं कर पाएंगे जिनके अध्यक्ष, निदेशक, सचिव व सदस्यों के विरुद्ध कोई एफआईआर है या ब्लैक लिस्टेड अथवा डिबार हैं।
...लेकिन क्रय केंद्र के लिए चाहिए 50 लाख की पूंजी
शासन ने किसानों के धान की कीमत का समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए 50 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी की शर्त जोड़ दी है। धान खरीद के इच्छुक एफपीओ को खाते के विवरण सहित खाद्य विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। पिछले वर्षों में इस तरह की शर्त नहीं थी। हालांकि किसान इससे संतुष्टï नहीं हैं। किसानों का कहना है कि अफसर नहीं चाहते हैं कि एफपीओ काम कर सकें। ५० लाख रुपये बहुत ज्यादा है। इस तरह की शर्त से ज्यादातर एफपीओ बाहर हो जाएंगे।