{"_id":"616dc93e2f0c22305f0b8039","slug":"farmers-protest-shahjahanpur-news-bly463328552","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दीं गिरफ्तारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दीं गिरफ्तारियां
विज्ञापन
शाहजहांपुर में ट्रेन रोकने जाते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्त कर बस में बैठाती ?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। कृषि कानून रद्द करने और लखीमपुर खीरी में हुए बवाल में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर गिरफ्तार करने समेत अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) द्वारा सोमवार को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को पहले से सतर्क पुलिस प्रशासन ने विफल कर दिया। इसके विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद मेें सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने भाकियू के जिलाध्यक्ष समेत करीब 125 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। बाद में बिना शर्त छोड़ दिया।
भाकियू के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन की घोषणा दो दिन पहले ही कर दी थी। उन्होंने यूनियन कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के जरिए संदेश देकर सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पर बुलाया था। इसलिए प्रशासन, पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद थे। प्रदर्शन के लिए यूनियन के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह दस बजे से लोनिवि अतिथि गृह परिसर में जमा होने लगे। पुलिस ने भी उनके चारों ओर घेराबंदी करके उन्हें आगे बढ़ने के सभी रास्ते रोक दिए।
सिटी मजिस्ट्रेट भी एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सिटी के साथ पुलिस बल लेकर वहां पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने यूनियन के पदाधिकारियों को जनहित का हवाला देते हुए रेल रोको आंदोलन स्थगित करने को समझाया। इसके बावजूद पदाधिकारी रेल रोकने की जिद पर अड़े रहे। कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ वहीं पर धरना दे दिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने पदाधिकारियों समेत धरना-प्रदर्शन में शामिल किसानों को गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को यूनियन की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कहा गया है कि लखीमपुर में हुए बवाल के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को पद से बर्खास्त कर उन पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं हुआ तो भाकियू उग्र प्रदर्शन करेगी। इस दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, जयेंद्र सिंह, बलदेव सिंह, कुलवंत सिंह, जरनैल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, बाबूराम, सुधाकर सिंह आदि मौजूद रहे।
आंदोलन छोड़कर पंजाब रवाना हुए प्रदेश अध्यक्ष
आंदोलन के लिए कई दिन से कार्यकर्ताओं से संपर्क में जुटे भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह भी अपने गांव चक ममरेज सहित क्षेत्र के अन्य गांवों से कार्यकर्ताओं को साथ लेकर सुबह पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह पहुंचे, लेकिन इसी बीच उन्हें मोबाइल पर अपनी माता के निधन की सूचना मिली। इस पर वह आंदोलन की कमान जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह को सौंपकर पंजाब रवाना हो गए।
पुलिस लाइन में फिर धरने पर बैठे कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी होने पर उन्हें पुलिस के वाहनों से पुलिसलाइन ले जाया गया। इस कारण उनके वाहन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ही छूट गए। पुलिसलाइन से शाम चार बजे के बाद अधिकारियों ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा कर उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी, लेकिन जिलाध्यक्ष का कहना था कि उन्हें किसी वाहन से लोनिवि अतिथि गृह तक भिजवाएं, वरना यहां से छूटने के बाद रेलवे ट्रैक पर जाकर आंदोलन शुरू कर देंगे। यह चेतावनी देने के साथ कार्यकर्ताओं ने पुलिसलाइन में धरना दे दिया। इस पर अधिकारियों ने गतिरोध टालने के लिए कार्यकर्ताओं को वाहनों से लोनिवि अतिथि गृह भिजवाया।
Trending Videos
भाकियू के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन की घोषणा दो दिन पहले ही कर दी थी। उन्होंने यूनियन कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के जरिए संदेश देकर सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पर बुलाया था। इसलिए प्रशासन, पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद थे। प्रदर्शन के लिए यूनियन के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह दस बजे से लोनिवि अतिथि गृह परिसर में जमा होने लगे। पुलिस ने भी उनके चारों ओर घेराबंदी करके उन्हें आगे बढ़ने के सभी रास्ते रोक दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट भी एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सिटी के साथ पुलिस बल लेकर वहां पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने यूनियन के पदाधिकारियों को जनहित का हवाला देते हुए रेल रोको आंदोलन स्थगित करने को समझाया। इसके बावजूद पदाधिकारी रेल रोकने की जिद पर अड़े रहे। कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ वहीं पर धरना दे दिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने पदाधिकारियों समेत धरना-प्रदर्शन में शामिल किसानों को गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को यूनियन की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कहा गया है कि लखीमपुर में हुए बवाल के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को पद से बर्खास्त कर उन पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं हुआ तो भाकियू उग्र प्रदर्शन करेगी। इस दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, जयेंद्र सिंह, बलदेव सिंह, कुलवंत सिंह, जरनैल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, बाबूराम, सुधाकर सिंह आदि मौजूद रहे।
आंदोलन छोड़कर पंजाब रवाना हुए प्रदेश अध्यक्ष
आंदोलन के लिए कई दिन से कार्यकर्ताओं से संपर्क में जुटे भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह भी अपने गांव चक ममरेज सहित क्षेत्र के अन्य गांवों से कार्यकर्ताओं को साथ लेकर सुबह पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह पहुंचे, लेकिन इसी बीच उन्हें मोबाइल पर अपनी माता के निधन की सूचना मिली। इस पर वह आंदोलन की कमान जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह को सौंपकर पंजाब रवाना हो गए।
पुलिस लाइन में फिर धरने पर बैठे कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी होने पर उन्हें पुलिस के वाहनों से पुलिसलाइन ले जाया गया। इस कारण उनके वाहन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ही छूट गए। पुलिसलाइन से शाम चार बजे के बाद अधिकारियों ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा कर उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी, लेकिन जिलाध्यक्ष का कहना था कि उन्हें किसी वाहन से लोनिवि अतिथि गृह तक भिजवाएं, वरना यहां से छूटने के बाद रेलवे ट्रैक पर जाकर आंदोलन शुरू कर देंगे। यह चेतावनी देने के साथ कार्यकर्ताओं ने पुलिसलाइन में धरना दे दिया। इस पर अधिकारियों ने गतिरोध टालने के लिए कार्यकर्ताओं को वाहनों से लोनिवि अतिथि गृह भिजवाया।