जेल में बैठे सफाई कर्मचारी को सैलरी देने के मामले में निगम कमिश्नर एवं डीसी चंद्रशेखर खरे ने एक्शन लिया है। कमिश्नर ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीसी ने निगम ईओ व सीएसआई को लिखा है कि जो भी इस लापरवाही के जिम्मेवार कर्मचारी हैं उनके खिलाफ उचित एक्शन लिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी गलत नहीं दोहराई जाए।
‘कुछ नहीं बिगड़ेगा’
जेल में बैैठे सफाई कर्मचारी को वेतन जारी करने के मामले में लापरवाह एक कर्मचारी निगम में किसी अधिकारी द्वारा उसका कुछ न बिगाड़ लेने की बात कह रहा है। उसने यह तक कहा है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता मैं (एक बड़े राजनेता का नाम लेकर) का खास हूं। कांट्रेक्ट पर लगा यह कर्मचारी यह तक कह रहा है कि जब तक उनके ऊपर उक्त नेता का हाथ है उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
सीएसआई ने पकड़ा था मामला
जेल में बैठकर सैलरी लेने वाले कर्मचारी का मामला सीएसआई सुभाष ने पकड़ा था। उन्होंने इस मामले की जानकारी सचिव वीरेंद्र सिंह को बताई थी। इसके बाद मामले की भनक अमर उजाला को लग गई। अमर उजाला ने यह मामला गंभीरता से उठाया था, जिसके बाद उच्च अधिकारी हरकत में आए।
तीन दिन के अंदर मांगा जवाब फिर लिया जाएगा एक्शन
चीफ सेनीटेशन इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि इस मामले में तीन कर्मचारियों की लापरवाही मिली थी। तीनों कर्मचारियों से डीसी साहब के आदेेशानुसार स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके लिए तीन दिन का समय है। उसके बाद नियमानुसार इन पर एक्शन लेने के आदेश हुए हैं।