शुक्रवार को ब्रेन अटैक के एक और रोगी की मौत हो गई। दून अस्पताल में ब्रेन अटैक के रोगियों को भरती न किए जाने से तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नर्सों के कार्य बहिष्कार के कारण न्यूरो के मरीजों की सर्जरी नहीं हो पा रही है। उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है।
परिजन परेशान
गढ़वाल मंडल के अलग-अलग अस्पतालों से ब्रेन अटैक के रोगियों को दून रेफर किया जाता है। नर्सों के कार्य बहिष्कार के कारण रोगियों को यहां से अब हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है। इससे तीमारदार परेशान हो रहे हैं।
शुक्रवार सुबह ब्रेन अटैक के एक और रोगी की मौत हो गई। उसे एंबुलेंस सेवा 108 से दून अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में रोगी को मृत घोषित कर दिया गया।
न्यूरों के मरीजों को दिक्कत
डाक्टरों का कहना है कि न्यूरो सर्जरी के बाद रोगी की मानीटरिंग जरुरी होती है। नर्सों की हड़ताल की वजह से इसमें दिक्कत आ रही है।
कई मरीजों की आपरेशन की तिथि टाल दी गई है। इसके अलावा कुछ मरीजों ने दवा की खुराक छूटने की शिकायत भी की है।
बढ़ सकती है हड़ताल
उत्तराखंड नर्सेज संघ की प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने बताया कि पांच जनवरी तक एक शिफ्ट कार्य बहिष्कार चलेगा। इस दौरान अगर शासन से वार्ता विफल होती है तो पूर्ण हड़ताल कर दी जाएगी।
दून अस्पताल के कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. डीएस रावत ने बताया कि नर्सों की हड़ताल के मद्देनजर वैकल्पिक इंतजाम कर लिए गए हैं।