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Dehradun News: 10 साल की सेवा पर आयुर्वेद चिकित्साधिकारियों को मिले एसीपी का लाभ
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- आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने आयुष सचिव रंजना राजगुरु के समक्ष रखी मांगें
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने 10 साल की सेवा पूरी करने वाले चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ देने की मांग की है।
मंगलवार को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष सचिव रंजना राजगुरु से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली व महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा, लंबे समय से आयुर्वेद विभाग में एसीपी का मामला लंबित है। 2013 व 2015 बैच के पात्र चिकित्साधिकारियों को नियमानुसार 10 साल की सेवा के बाद एसीपी का लाभ दिया जाए। विभागीय संवर्ग से ही निदेशक व कार्यवाहक निदेशक की नियुक्ति की जाए। संघ ने राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में उच्च गुणवत्ता की औषधियों की उपलब्धता कराई जाए। 2024 बैच के नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों का परिवीक्षा अवधि फरवरी माह में पूरी हो रही है। शीघ्र ही स्थायीकरण के आदेश जारी किए जाएं।
प्रदेश में एलोपैथिक चिकित्सालय में चल रहे आयुष विंग में बहुउद्देशीय कर्मी न होने के कारण चिकित्सकीय कार्यों में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए बहुउद्देशीय कर्मियों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा जिला चिकित्सालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष विंग के चिकित्सा अधिकारियों को निशुल्क पैथोलॉजी जांच करने के लिए अधिकृत किया जाए। इस मौके पर संयोजक डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी, डॉ. हर्ष सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. राम किशोर भट्ट, डॉ. नीतू कार्की, सचिव डॉ. दीपक गंगवार समेत पदाधिकारी मौजूद रहे।
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देहरादून। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने 10 साल की सेवा पूरी करने वाले चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ देने की मांग की है।
मंगलवार को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष सचिव रंजना राजगुरु से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली व महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा, लंबे समय से आयुर्वेद विभाग में एसीपी का मामला लंबित है। 2013 व 2015 बैच के पात्र चिकित्साधिकारियों को नियमानुसार 10 साल की सेवा के बाद एसीपी का लाभ दिया जाए। विभागीय संवर्ग से ही निदेशक व कार्यवाहक निदेशक की नियुक्ति की जाए। संघ ने राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में उच्च गुणवत्ता की औषधियों की उपलब्धता कराई जाए। 2024 बैच के नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों का परिवीक्षा अवधि फरवरी माह में पूरी हो रही है। शीघ्र ही स्थायीकरण के आदेश जारी किए जाएं।
प्रदेश में एलोपैथिक चिकित्सालय में चल रहे आयुष विंग में बहुउद्देशीय कर्मी न होने के कारण चिकित्सकीय कार्यों में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए बहुउद्देशीय कर्मियों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा जिला चिकित्सालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष विंग के चिकित्सा अधिकारियों को निशुल्क पैथोलॉजी जांच करने के लिए अधिकृत किया जाए। इस मौके पर संयोजक डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी, डॉ. हर्ष सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. राम किशोर भट्ट, डॉ. नीतू कार्की, सचिव डॉ. दीपक गंगवार समेत पदाधिकारी मौजूद रहे।
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