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चुभती गर्मी में लोगों पर चला चुनावी चाबुक

अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 02 May 2014 11:05 AM IST
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देहरादून में आम लोगों की सुविधा की परवाह किए बगैर जिला प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी के लिए भारी संख्या में मैक्सी, टैक्सी और बसों का अधिग्रहण कर लिया है।
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वाहनों का भारी टोटा
जिला प्रशासन द्वारा दिए गए अधिग्रहण के लक्ष्य को पूरा करने के चक्कर में परिवहन विभाग ने ताबड़तोड़ वाहनों को कब्जे में लेने का अभियान चला रखा है। इससे दून से पहाड़ के सभी जिलों में जाने वाले वाहनों का भारी टोटा हो गया है।

जीप-टैक्सी ने मिलने से यात्री दर दर भटक रहा है। विकासनगर रूट पर भी यात्री परेशान हैं। वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर वाहनों के अधिग्रहण से यात्रियों में भारी रोष है।
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रिस्पना पुल ट्रैकर स्टेंड यूनियन से उत्तरकाशी, टिहरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार, गोपेश्वर, चमोली, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग आदि स्थानों के लिए निरंतर मैक्सी कैब संचालित होती हैं।

लगभग पचास हजार यात्री हुए प्रभावित
उत्तराखंड परिवहन और विश्वनाथ सेवा की कुछ बसों की सेवा को छोड़कर मैक्सी कैब सेवा ही देहरादून से पूरे गढ़वाल संभाग को जोड़ती है। हर दिन दून से इन स्थानों के लिए लगभग पचास हजार यात्री 250 मैक्सी कैब का उपयोग करते हैं।

लेकिन परिवहन विभाग ने 150 वाहनों का अधिग्रहण कर लिया। इससे इन रूटों पर वाहनों की भारी कमी हो गई। यात्री सुबह से जीप में सीट आरक्षित करने पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तीन मई से सात मई तक होगी।

यही हाल दून से विकासनगर-डाकपत्थर रूट पर चलने वाली स्टेज कैरियज बसों का भी है। इस रूट पर चलने वाली देहरादून-डाक पत्थर बस वेल्फेयर एसोसिएशन की सभी 80 बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है।

हालांकि अभी सभी बसों को बुलाया नहीं गया है। लेकिन तीन मई से सभी बसों को रिपोर्ट करने को कहा गया है। ऐसे में रूट से बसें गायब हो जाएंगी।

हमारी लगभग सभी बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। तीन मई को पचास बसें रुड़की और हरिद्वार भेजी जा रही है। अन्य बसें दून में ही ड्यूटी में लगाई गई हैं। यूनियन के पास केवल 80 बसें है। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत तो होगी ही।
- राम कुमार सैनी, प्रधान, देहरादून-डाक पत्थर बस वेल्फेयर एसोसिएशन

यूनियन के पास लगभग 250 वाहन हैं। लगभग 150 वाहन का अधिग्रहण हो चुका है। पहाड़ जाने वाले यात्री काफी हद तक इन्हीं वाहनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत तो होगी ही। हालांकि लोकतंत्र में चुनाव कराना जरूरी है। यह हम सबकी जिम्मेदारी बनती है। ऐसे में वाहन देने में यूनियन को कोई हर्ज नहीं है।
- सत्यदेव उनियाल, अध्यक्ष, दून-गढ़वाल ट्रैकर-जीप-कमांडर मालिक समिति, रिस्पना पुल स्टेंड

सिटी बसों का भी होगा टोटा
तीन मई से शहर में सिटी बसों को भी भारी टोटा होगा। 250 सिटी बसों में लगभग 200 बसों का अधिग्रहण किया गया है। कई ऐसे रूट ऐसे हैं जहां केवल सिटी बसें ही चलती हैं।

वहां यात्रियों के लिए पांच दिन दिक्कत भरें होंगे। उन्हें ज्यादा रुपए खर्च कर आटो से गंतव्य तक पहुंचना होगा।

सिटी बस महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि लगभग सभी बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत हो सकती है।

आरटीओ कार्यालय में भी परेशानी
आरटीओ कार्यालय में कोई काम है तो अच्छा रहेगा कि आप चुनाव निपटने के बाद ही जाएं। असल में, महिला कर्मियों को छोड़कर सभी कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगी है।

ऐसे में तीन दिनों को कार्यालय में कार्य प्रभावित रहेगा। संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई ने बताया, तीन दिन थोड़ी फजीहत हो सकती है। ज्यादातर कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई है।
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