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ईरान-US जंग: ट्रंप ने जिनपिंग-पुतिन की तटस्थता पर आभार जताया; कहा- मिनाब में स्कूल पर हमला जानबूझकर नहीं हुआ
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 18 Jun 2026 08:58 AM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में चीन और रूस की तटस्थता के लिए उनका आभार जताया है। साथ ही, उन्होंने ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को अनजाने में हुई गलती बताया। ट्रंप ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है और वे इसके नतीजों को स्वीकार करेंगे।
ट्रंप ने जिनपिंग-पुतिन की तटस्थता पर आभार जताया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तारीफ की है। उन्होंने ईरान युद्ध के दौरान इन दोनों नेताओं के तटस्थ रहने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगाने के अमेरिकी प्रयासों में कोई बाधा नहीं डाली। इससे स्थिति को संभालने में अमेरिका को काफी मदद मिली।
जिनपिंग और पुतिन का जताया आभार
ट्रंप ने खास तौर पर शी जिनपिंग का जिक्र करते हुए कहा कि वे बीजिंग दौरे के समय उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग पूरी तरह तटस्थ रहे, जिसकी वे सराहना करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने व्लादिमीर पुतिन का भी आभार जताया। ट्रंप ने कहा कि ये दोनों नेता चाहते तो अमेरिका की राह को अधिक कठिन बना सकते थे। ट्रंप के अनुसार, शी जिनपिंग ने इस संघर्ष को सुलझाने में सहयोग किया। चीन ने ईरान को बड़े हथियार या कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें नहीं भेजीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन चाहता तो अपने तेल के जहाजों की सुरक्षा के लिए कई युद्धपोत वहां भेज सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
मिनाब स्कूल हमले पर क्या बोले ट्रंप
इसके साथ ही, ट्रंप ने संघर्ष के दौरान ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था। ट्रंप के अनुसार, युद्ध के दौरान ऐसी गलतियां हो सकती हैं। यह घटना 28 फरवरी को संघर्ष के पहले दिन हुई थी। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 175 से अधिक बच्चों और शिक्षकों की मौत हुई थी।
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शुरुआत में ट्रंप ने बिना किसी सबूत के दावा किया था कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी चल रही है और वे जांच के निष्कर्षों को स्वीकार करेंगे। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि किसी ने भी स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।
ये भी पढ़ें: US Iran Deal: पश्चिम एशिया संघर्ष खत्म, ट्रंप और पेजेशकियन की तस्वीरों ने लगाई मुहर; समझौते पर किए हस्ताक्षर
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पहले बताया था कि अमेरिकी सेना की शुरुआती आंतरिक जांच में इस घातक हमले के पीछे अमेरिकी बलों के होने के संकेत मिले थे। हालांकि, पेंटागन ने अभी किसी नतीजे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने बताया कि यह जांच काफी जटिल रही है क्योंकि वह स्कूल एक सक्रिय ईरानी क्रूज मिसाइल बेस के भीतर स्थित था। अब यह जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है।
जिनपिंग और पुतिन का जताया आभार
ट्रंप ने खास तौर पर शी जिनपिंग का जिक्र करते हुए कहा कि वे बीजिंग दौरे के समय उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग पूरी तरह तटस्थ रहे, जिसकी वे सराहना करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने व्लादिमीर पुतिन का भी आभार जताया। ट्रंप ने कहा कि ये दोनों नेता चाहते तो अमेरिका की राह को अधिक कठिन बना सकते थे। ट्रंप के अनुसार, शी जिनपिंग ने इस संघर्ष को सुलझाने में सहयोग किया। चीन ने ईरान को बड़े हथियार या कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें नहीं भेजीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन चाहता तो अपने तेल के जहाजों की सुरक्षा के लिए कई युद्धपोत वहां भेज सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
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मिनाब स्कूल हमले पर क्या बोले ट्रंप
इसके साथ ही, ट्रंप ने संघर्ष के दौरान ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था। ट्रंप के अनुसार, युद्ध के दौरान ऐसी गलतियां हो सकती हैं। यह घटना 28 फरवरी को संघर्ष के पहले दिन हुई थी। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 175 से अधिक बच्चों और शिक्षकों की मौत हुई थी।
शुरुआत में ट्रंप ने बिना किसी सबूत के दावा किया था कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी चल रही है और वे जांच के निष्कर्षों को स्वीकार करेंगे। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि किसी ने भी स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पहले बताया था कि अमेरिकी सेना की शुरुआती आंतरिक जांच में इस घातक हमले के पीछे अमेरिकी बलों के होने के संकेत मिले थे। हालांकि, पेंटागन ने अभी किसी नतीजे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने बताया कि यह जांच काफी जटिल रही है क्योंकि वह स्कूल एक सक्रिय ईरानी क्रूज मिसाइल बेस के भीतर स्थित था। अब यह जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है।