{"_id":"6a2c0d7491c9016b0906629b","slug":"nine-cowsheds-collapsed-cattle-were-swept-away-in-the-lastar-river-and-houses-were-also-damaged-rudraprayag-news-c-52-1-vkn1009-119099-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: नौ गोशालाएं टूटीं, लस्तर नदी में बहे मवेशी, मकान भी क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: नौ गोशालाएं टूटीं, लस्तर नदी में बहे मवेशी, मकान भी क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 12 Jun 2026 07:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पश्चिमी बांगर खलियान में अतिवृष्टि से हुआ है भारी नुकसान
क्षति के आंकलन के लिए कानूनगो व तीन राजस्व उपनिरीक्षक टीम में शामिल
फोटो-- -- -- -- -
संवाद न्यूज एजेंसी
जखोली। विगत 10 जून को हुई मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र में कृषि भूमि, पेयजल लाइन और पैदल मार्गों के साथ नौ परिवारों की गोशालाएं अतिवृष्टि की जद में आ गईं। गोशालाओं में बंधी नौ भैंसों में से सात लस्तर नदी में मृत मिलीं मिली जबकि दो का अभी पता नहीं चल पाया है।
दर्शन सिंह, मनोज उनियाल, लखन सिंह, मामेन्द्र सिंह, नेत्र सिंह, सुंदर सिंह, सतपाल सिंह, मकान लाल व जगदीश लाल ने बताया कि आपदा में उनकी गोशालाएं टूट चुकी हैं और आजीविका का साधन रहीं भैंसें भी बह गईं। वहीं, कमला देवी का दो कमरों का मकान भी टूट गया है। उन्होंने बच्चों के सिर पर छत के लिए प्रशासन से आवास की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि खुडगड गदेरे पर बनी लस्तर बजीरा नहर के नीचे वाला हिस्सा तेज बहाव से खाली होने के कारण नहर खतरे में है। वर्तमान में राजस्व विभाग ग्राम सभा की परिसम्पत्तियों के नुकसान की गणना कर रहा है। वहीं तहसीलदार प्रणव पांडेय ने कहा कि क्षति के आकलन के लिए एक कानूनगो व तीन राजस्व उपनिरीक्षक की टीम बनाई गई है जो जांच कर रही है। अभी तक तीन भैंसों की मौत की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की है।
क्षति के आंकलन के लिए कानूनगो व तीन राजस्व उपनिरीक्षक टीम में शामिल
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
जखोली। विगत 10 जून को हुई मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र में कृषि भूमि, पेयजल लाइन और पैदल मार्गों के साथ नौ परिवारों की गोशालाएं अतिवृष्टि की जद में आ गईं। गोशालाओं में बंधी नौ भैंसों में से सात लस्तर नदी में मृत मिलीं मिली जबकि दो का अभी पता नहीं चल पाया है।
दर्शन सिंह, मनोज उनियाल, लखन सिंह, मामेन्द्र सिंह, नेत्र सिंह, सुंदर सिंह, सतपाल सिंह, मकान लाल व जगदीश लाल ने बताया कि आपदा में उनकी गोशालाएं टूट चुकी हैं और आजीविका का साधन रहीं भैंसें भी बह गईं। वहीं, कमला देवी का दो कमरों का मकान भी टूट गया है। उन्होंने बच्चों के सिर पर छत के लिए प्रशासन से आवास की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि खुडगड गदेरे पर बनी लस्तर बजीरा नहर के नीचे वाला हिस्सा तेज बहाव से खाली होने के कारण नहर खतरे में है। वर्तमान में राजस्व विभाग ग्राम सभा की परिसम्पत्तियों के नुकसान की गणना कर रहा है। वहीं तहसीलदार प्रणव पांडेय ने कहा कि क्षति के आकलन के लिए एक कानूनगो व तीन राजस्व उपनिरीक्षक की टीम बनाई गई है जो जांच कर रही है। अभी तक तीन भैंसों की मौत की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन