Board Exam 2026: यूपी और संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में 15 सदस्यों पर नकल रोकने की जिम्मेदारी, पढ़ें- अन्य खबरें
Varanasi News: यूपी और संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में 15 सदस्यों पर नकल रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। मंडल स्तर पर उड़ाका दल की तीन टीमें गठित की गई हैं। इनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं।
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यूपी बोर्ड और संस्कृत बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से मंडल स्तर पर उड़ाका दल की तीन टीम गठित की गई हैं। 15 सदस्यों वाली टीम में छह महिलाएं भी शामिल हैं। हर दिन परीक्षा खत्म होने के बाद टीम के सदस्यों को संयुक्त शिक्षा निदेशक को केंद्रों के निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी।
उत्तर माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होकर यूपी बोर्ड की परीक्षा 12 मार्च तक चलेगी। उधर संस्कृत बोर्ड की पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा की परीक्षा 19 फरवरी से 28 फरवरी तक होगी। परीक्षा के लिए कॉपियों के आने के साथ ही सभी जरूरी तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
इस बीच संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने मंडल स्तर पर नकल उड़ाका दल की तीन टीमों का गठन किया है। इसमें एक टीम के प्रभारी वह खुद भी हैं। इसके अलावा उपनिरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं मंजू शर्मा और प्राचार्य सीटीई अखिलेश पांडेय को भी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दिनेश सिंह ने बताया कि हर टीम के साथ पुलिस टीम भी रहेगी, जिससे कि केंद्रों पर जांच के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
बीएचयू कैंपस के इग्नू सेंटर में कृषि-डेयरी तकनीक कोर्स में 15 फरवरी तक होंगे दाखिले
इग्नू के माध्यम से बीएचयू कैंपस में पढ़ाई करने का सपना पूरा हो सकता है। कृषि के छात्रों को ये मौका मिल रहा है। बीएचयू के डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग में संचालित इग्नू अध्ययन केंद्र में कृषि कोर्स के लिए आवेदन शुरू हो गया है। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी रखी गई है।
इन केंद्रों में कृषि और खाद्य क्षेत्र से संबंधित कोर्स चलते हैं। इनमें डीडीटी (डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी), (एफएसक्यूएम फूड सेफ्टी क्वलिटी मैनेजमेंट), एमएससी-एफएसक्यूएम, ऑर्गेनिक फार्मिंग, हॉर्टीकल्चर, पोल्ट्री फार्मिंग, मधुमक्खी पालन और बीएससी एफएसक्यूएम कोर्स शामिल हैं।
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केंद्र के समन्वयक डॉ. अरविंद ने बताया कि इस कोर्स में पढ़ाई पूरा कर निकलने वाले छात्र और छात्राओं को फूड सेफ्टी और डेयरी तकनीक की कंपिनयों में नौकरी मिल रही है। इन कोर्स के लिए किसी तरह की आयु सीमा निर्धारित नहीं है और विद्यार्थी नौकरी करते हुए भी इग्नू की पढ़ाई कर सकते हैं। डेयरी में चल रहे इग्नू के कोर्स विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं और उनकी सिलेबस की गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है।
काशी भ्रमण पर आएंगे नेपाल के विद्वान, बीएचयू के आचार्यों के साथ करेंगे शास्त्रार्थ
आमंत्रित विदेशी विद्वानों में नेपाल से डॉ. केशवशरण अर्याल, डॉ. भोलानारायण रेग्मी, डॉ. विश्वनाथ घिताल, डॉ. रामप्रसाद पौडेल, उप प्राध्यापक लक्ष्मण आचार्य, उप प्राध्यापक उपेंद्र दाहाल, डॉ. माधव प्रसाद लामिछाने, डॉ. नारायण प्रसाद बराल और डॉ. वैकुंठ घिमिरे आएंगे। वहीं, बीएचयू से प्रो. हरीश्वर दीक्षित, प्रो. रजनीश पांडेय, प्रो. शीतलाप्रसाद पांडेय, प्रो. प्रद्युम्न शाह सिंह, प्रो. सुनील कात्यायन, प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, प्रो. रमाकांत पांडेय होंगे। संरक्षक कुलपति और अध्यक्ष संकाय प्रमुख होंगे।