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Sant Kabir Nagar News: टीजीटी परीक्षा में हाईटेक नकल का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
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वॉयस रिकॉर्डर के जरिये प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने की थी साजिश
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
आरोपियों में एक कुशीनगर, दूसरा मऊ का
संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी परीक्षा में आधुनिक उपकरणों के जरिये नकल कराने के प्रयास का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सिमकार्ड, पर्चियां और अन्य सामग्री बरामद की है। दोनों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। कोतवाली पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है।
कोतवाल जयप्रकाश दूबे ने बताया कि चार जून को जिले के विभिन्न केंद्रों पर टीजीटी परीक्षा आयोजित थी। द्वितीय पाली में खलीलाबाद शहर स्थित हीरालाल रामनिवास महाविद्यालय, सरैया बाईपास परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या-3 में ड्यूटी कर रहे कक्ष निरीक्षकों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। निरीक्षकों ने देखा कि अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान धीमी आवाज में लगातार कुछ बोल रहा है।
जब कक्ष निरीक्षक ने उसे खड़ा कर पूछताछ करनी चाही तो उसके हाथ से एक मिनी वॉयस रिकॉर्डर नीचे गिर गया। खुद को पकड़े जाने की आशंका में अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष से निकलकर महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल फांदते हुए भाग गया। केंद्राध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर कोतवाली खलीलाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी करके जेल भिजवा दिया।
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पुलिस जांच में सामने आई पूरी साजिश
कोतवाल ने बताया कि गठित टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सरैया बाईपास तिराहा स्थित पार्क से कुशीनगर, पटेहरवा निवासी मनीष कुमार और मुस्तफाबाद, रतनपुरा, मऊ निवासी अनिकेत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों आपस में मित्र हैं और परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए हाईटेक नकल की साजिश रची थी। साजिश के तहत अभ्यर्थी मनीष कुमार एक मिनी वॉयस रिकॉर्डर और विशेष पेन लेकर परीक्षा केंद्र में गया था।
आरोपी ने बताया कि प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर से जांच के दौरान उपकरण का संकेत मिला था, लेकिन उसने चालाकी दिखाते हुए केवल स्टीलयुक्त पेन दिखाया और जांच कर्मियों को यह विश्वास दिला दिया कि मेटल डिटेक्टर उसी के कारण संकेत दे रहा है। इसके चलते वॉयस रिकॉर्डर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया।
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प्रश्न रिकॉर्ड कर बाहर फेंकने की थी तैयारी
कोतवाल ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनीष परीक्षा के दौरान सभी 125 प्रश्नों को रिकॉर्ड करने वाला था। इसके बाद पानी पीने या अन्य बहाने से परीक्षा केंद्र परिसर में जाकर रिकॉर्डर को बाउंड्रीवाल के बाहर फेंक देता। बाहर मौजूद उसका साथी अनिकेत रिकॉर्ड किए गए प्रश्नों को सुनकर उनके उत्तर तैयार करता।
इसके बाद मनीष शौचालय जाने या अन्य बहाना बनाकर फिर बाउंड्रीवाल के पास पहुंचता और बाहर से उत्तर लिखी पर्चियां प्राप्त कर परीक्षा कक्ष में लौटकर सही उत्तर भर देता। पुलिस के अनुसार, इसी साजिश के जरिये परीक्षा पास करने की तैयारी थी।
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ये सामान हुआ बरामद
कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, वॉयस रिकॉर्डर का चार्जर, दो ओटीजी, वीआई कंपनी की सिम, दो पर्चियां, नोटबुक, सामान्य हिंदी की पुस्तक, दो बेडशीट, दो चार्जर, चार एटीएम कार्ड, ई-श्रम कार्ड, पैन कार्ड, 260 रुपये नकद, ईयरफोन, ईयर बैंड, एडमिट कार्ड की छायाप्रति और दो काले रंग के झोले बरामद हुए हैं।
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पुलिस टीम को मिली सफलता
कोतवाल ने बताया कि इस कार्रवाई में अपराध निरीक्षक वीरेंद्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक लाल बिहारी निषाद आदि की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
आरोपियों में एक कुशीनगर, दूसरा मऊ का
संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी परीक्षा में आधुनिक उपकरणों के जरिये नकल कराने के प्रयास का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सिमकार्ड, पर्चियां और अन्य सामग्री बरामद की है। दोनों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। कोतवाली पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है।
कोतवाल जयप्रकाश दूबे ने बताया कि चार जून को जिले के विभिन्न केंद्रों पर टीजीटी परीक्षा आयोजित थी। द्वितीय पाली में खलीलाबाद शहर स्थित हीरालाल रामनिवास महाविद्यालय, सरैया बाईपास परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या-3 में ड्यूटी कर रहे कक्ष निरीक्षकों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। निरीक्षकों ने देखा कि अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान धीमी आवाज में लगातार कुछ बोल रहा है।
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जब कक्ष निरीक्षक ने उसे खड़ा कर पूछताछ करनी चाही तो उसके हाथ से एक मिनी वॉयस रिकॉर्डर नीचे गिर गया। खुद को पकड़े जाने की आशंका में अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष से निकलकर महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल फांदते हुए भाग गया। केंद्राध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर कोतवाली खलीलाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी करके जेल भिजवा दिया।
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पुलिस जांच में सामने आई पूरी साजिश
कोतवाल ने बताया कि गठित टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सरैया बाईपास तिराहा स्थित पार्क से कुशीनगर, पटेहरवा निवासी मनीष कुमार और मुस्तफाबाद, रतनपुरा, मऊ निवासी अनिकेत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों आपस में मित्र हैं और परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए हाईटेक नकल की साजिश रची थी। साजिश के तहत अभ्यर्थी मनीष कुमार एक मिनी वॉयस रिकॉर्डर और विशेष पेन लेकर परीक्षा केंद्र में गया था।
आरोपी ने बताया कि प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर से जांच के दौरान उपकरण का संकेत मिला था, लेकिन उसने चालाकी दिखाते हुए केवल स्टीलयुक्त पेन दिखाया और जांच कर्मियों को यह विश्वास दिला दिया कि मेटल डिटेक्टर उसी के कारण संकेत दे रहा है। इसके चलते वॉयस रिकॉर्डर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया।
प्रश्न रिकॉर्ड कर बाहर फेंकने की थी तैयारी
कोतवाल ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनीष परीक्षा के दौरान सभी 125 प्रश्नों को रिकॉर्ड करने वाला था। इसके बाद पानी पीने या अन्य बहाने से परीक्षा केंद्र परिसर में जाकर रिकॉर्डर को बाउंड्रीवाल के बाहर फेंक देता। बाहर मौजूद उसका साथी अनिकेत रिकॉर्ड किए गए प्रश्नों को सुनकर उनके उत्तर तैयार करता।
इसके बाद मनीष शौचालय जाने या अन्य बहाना बनाकर फिर बाउंड्रीवाल के पास पहुंचता और बाहर से उत्तर लिखी पर्चियां प्राप्त कर परीक्षा कक्ष में लौटकर सही उत्तर भर देता। पुलिस के अनुसार, इसी साजिश के जरिये परीक्षा पास करने की तैयारी थी।
ये सामान हुआ बरामद
कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, वॉयस रिकॉर्डर का चार्जर, दो ओटीजी, वीआई कंपनी की सिम, दो पर्चियां, नोटबुक, सामान्य हिंदी की पुस्तक, दो बेडशीट, दो चार्जर, चार एटीएम कार्ड, ई-श्रम कार्ड, पैन कार्ड, 260 रुपये नकद, ईयरफोन, ईयर बैंड, एडमिट कार्ड की छायाप्रति और दो काले रंग के झोले बरामद हुए हैं।
पुलिस टीम को मिली सफलता
कोतवाल ने बताया कि इस कार्रवाई में अपराध निरीक्षक वीरेंद्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक लाल बिहारी निषाद आदि की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।