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अस्पताल में भर्ती मरीजों पर मंडरा रहा डेंगू का खतरा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 06:02 PM IST
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सार
जिले में मलेरिया के चार, दो डेंगू के जहां मरीज सामने आए हैं वहीं दिमागी बुखार से एक की मौत हो चुकी है। दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है। इससे सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को डेंगू, मलेरिया के साथ दिमागी बुखार का खतरा मंडरा रहा है।
रानीगंज सीएचसी परिसर में उगी जंगली झाडियां। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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विस्तार
जिले के सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के ऊपर डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी और पीएचसी में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। भर्ती मरीजों को डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छरों से बचाने के लिए खिड़कियों में न तो जाली है और न ही उन्हें मच्छरदानी दी जाती है। इससे मरीज भी डेंगू और मलेरिया के साथ दिमागी बुखार को लेकर डरे हुए हैं।
जिले में मलेरिया के चार, दो डेंगू के जहां मरीज सामने आए हैं वहीं दिमागी बुखार से एक की मौत हो चुकी है। दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है। इससे सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को डेंगू, मलेरिया के साथ दिमागी बुखार का खतरा मंडरा रहा है। मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में नालियां चोक हो गई है। डायलिसिस कक्ष के गेट तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव व गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। वार्डों में भी गंदगी है। समस्या के बाद सीएमओ समेत सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।
सीएचसी में ही गंदगी का लगा है अंबार
रानीगंज तहसील क्षेत्र में दो दिन पहले एक डेंगू पॉजिटिव केस सामने आया है। संक्रमित व्यक्ति का प्रयागराज में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अब तक संक्रमित के गांव में फागिंग तक कराना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग सफाई कराना उचित नहीं समझ रहा। इससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। यही हाल गौरा सीएचसी का भी है।
गेट से लेकर अस्पताल परिसर तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ओपीडी से लेकर वार्ड तक की एक भी खिड़कियों में जाली नहीं लगवाई गई। यहां अभी तक डेंगू वार्ड तक नहीं बनाया गया है। कमोबेश यही हाल कोहड़ौर, मानधाता, सुखपालनगर, सांगीपुर सहित जिले के अन्य सीएचसी और पीएचसी का है। जहां पर भर्ती मरीजों को डेंगू से बचाव के लिए किसी प्रकार का इंतजाम नहीं है।
सभी एमओआईसी को आदेश दिया गया है कि वे अस्पताल परिसर में जल जमाव की स्थिति न होने दे। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा लें। डेंगू और मलेरिया से मरीजों को बचाने का पूरा प्रयास किया जाए। -डॉ. एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ।
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जिले में मलेरिया के चार, दो डेंगू के जहां मरीज सामने आए हैं वहीं दिमागी बुखार से एक की मौत हो चुकी है। दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है। इससे सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को डेंगू, मलेरिया के साथ दिमागी बुखार का खतरा मंडरा रहा है। मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में नालियां चोक हो गई है। डायलिसिस कक्ष के गेट तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव व गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। वार्डों में भी गंदगी है। समस्या के बाद सीएमओ समेत सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।
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सीएचसी में ही गंदगी का लगा है अंबार
रानीगंज तहसील क्षेत्र में दो दिन पहले एक डेंगू पॉजिटिव केस सामने आया है। संक्रमित व्यक्ति का प्रयागराज में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अब तक संक्रमित के गांव में फागिंग तक कराना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग सफाई कराना उचित नहीं समझ रहा। इससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। यही हाल गौरा सीएचसी का भी है।
गेट से लेकर अस्पताल परिसर तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ओपीडी से लेकर वार्ड तक की एक भी खिड़कियों में जाली नहीं लगवाई गई। यहां अभी तक डेंगू वार्ड तक नहीं बनाया गया है। कमोबेश यही हाल कोहड़ौर, मानधाता, सुखपालनगर, सांगीपुर सहित जिले के अन्य सीएचसी और पीएचसी का है। जहां पर भर्ती मरीजों को डेंगू से बचाव के लिए किसी प्रकार का इंतजाम नहीं है।
सभी एमओआईसी को आदेश दिया गया है कि वे अस्पताल परिसर में जल जमाव की स्थिति न होने दे। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा लें। डेंगू और मलेरिया से मरीजों को बचाने का पूरा प्रयास किया जाए। -डॉ. एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ।

कोहडौर सीएचसी में बगैर चादर के पड़े बेड। संवाद- फोटो : PRATAPGARH